हिंदी

संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Mn(CN)6]3− के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए। संकरण का प्रकार आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल चुंबकीय व्यवहार केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Mn(CN)6]3− के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।

  1. संकरण का प्रकार
  2. आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
  3. चुंबकीय व्यवहार
  4. केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान
संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

[Mn(CN)6]3−

Mn3+ = 3d4

  1. d2sp3
  2. आंतरिक कक्षक संकुल
  3. अनुचुंबकीय
  4. `sqrt("n"("n" + 2)) = sqrt(2(2 + 2)) = sqrt8` = 2.87 BM
shaalaa.com
उपसहसंयोजन यौगिकों में आंबधन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 9: उपसहसंयोजन यौगिक - अभ्यास [पृष्ठ १३६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
अध्याय 9 उपसहसंयोजन यौगिक
अभ्यास | Q VI. 47. | पृष्ठ १३६

संबंधित प्रश्न

अष्टफलकीय [CoCl6]4− के लिए CFSE 18,000 cm−1 है, तो चतुष्फलकीय [CoCl4]2− की CFSE होगी ______।


निम्नलिखित में से कौन-सी स्पीशीज़ का लिगंड होना अपेक्षित नहीं है?


[Fe(CN)6]3– संकुल के विषय में कौन-से विकल्प सही हैं?

(i) d2sp3 संकरण

(ii) sp3d2 संकरण

(iii) अनुचुंबकीय

(iv) प्रतिचुंबकीय


[Fe(H2O)6]3+ का चुंबकीय आघूर्ण 5.92 BM होता है जबकि [Fe(CN)6]3− का चुंबकीय आघूर्ण केवल 1.74 BM होता है। स्पष्ट कीजिए।

कॉलम I में दिए गए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए रंगों को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।

कॉलम I (संकुल आयन) कॉलम II (रंग)
(A) [Co(NH3)6]3+ (1) बैंगनी
(B) [Ti(H2O)6]3+ (2) हरा
(C) [Ni(H2O)6]2+ (3) पीला-नीला
(D) (Ni(H2O)4(en)3]2+ (aq) (4) पीला-नारंगी
  (5) नीला

कॉलम I में दिए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए संकरण तथा अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।

कॉलम I (संकुल आयन) कॉलम II (संकरण, अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या)
(A) [Cr(H2O)6]3+ (1) dsp2, 1
(B) [Co(CN)4]2– (2) sp3d2, 5
(C) [Ni(NH3)6]2+ (3) d2sp3, 3
(D) [MnF6]4– (4) sp3, 4
  (5) sp3d2, 2

अभिकथन: ([Fe(CN)6]3− आयन दो अयुगलित इलेक्ट्रॉनों के समकक्ष चुंबकीय आघूर्ण प्रदर्शित करता है।

तर्क - क्योंकि इसमें d2sp3 संकरण होता है।


क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।

[CoF6]3–, [Co(H2O)6]2+, [Co(CN)6]3–


संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Cr(H2O)6]3+ के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।

  1. संकरण का प्रकार
  2. आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
  3. चुंबकीय व्यवहार
  4. केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान

संकुल का प्रेक्षित रंग संकुल द्वारा अवशोषित तरंग दैर्घ्य से कैसे संबधित होता है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×