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अष्टफलकीय [CoCl6]4− के लिए CFSE 18,000 cm−1 है, तो चतुष्फलकीय [CoCl4]2− की CFSE होगी ______।

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प्रश्न

अष्टफलकीय [CoCl6]4− के लिए CFSE 18,000 cm−1 है, तो चतुष्फलकीय [CoCl4]2− की CFSE होगी ______।

विकल्प

  • 18,000 cm–1

  • 16,000 cm–1

  • 8,000 cm–1

  • 2,0000 cm–1

MCQ
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उत्तर

अष्टफलकीय [CoCl6]4− के लिए CFSE 18,000 cm−1 है, तो चतुष्फलकीय [CoCl4]2− की CFSE होगी 8,000 cm–1।

स्पष्टीकरण:

क्रिस्टल फील्ड एनर्जी विभाजन (CFSE) के अनुसार,

Δo = 18,000 cm−1

Δt = `4/9 xx Δ_"o"`

= `4/9 xx 18,000`

Δt = 8,000 cm−1

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उपसहसंयोजन यौगिकों में आंबधन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 9: उपसहसंयोजन यौगिक - अभ्यास [पृष्ठ १२९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
अध्याय 9 उपसहसंयोजन यौगिक
अभ्यास | Q I. 8. | पृष्ठ १२९

संबंधित प्रश्न

उपसहसंयोजन यौगिकों का रंग क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन पर निर्भर करता है। संकुलों [Co(NH3)6]3+, [Co(CN)6]3− तथा [Co(H2O)6]3+ का दृश्य क्षेत्र में तरंगदैर्घ्य के अवशोषण का सही क्रम क्या होगा?


[MnCl4]2− का चुंबकीय आघूर्ण 5.92 BM है। इसे कारण सहित स्पष्ट कीजिए।

क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि Co(III) दुर्बल क्षेत्र लिगंड के साथ अनुचुंबकीय अष्टफलकीय संकुल क्यों बनाता है जबकि प्रबल क्षेत्र लिगंड के साथ यह प्रतिचुंबकीय अष्टफलकीय संकुल बनाता है।


क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित संकुलों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

[CoF6]3−, [Fe(CN)6]4− और [Cu(NH3)6]2+

CuSO4.5H2O का रंग नीला होता है जबकि CuSO4 रंगहीन होता है क्यों?


अभिकथन: ([Fe(CN)6]3− आयन दो अयुगलित इलेक्ट्रॉनों के समकक्ष चुंबकीय आघूर्ण प्रदर्शित करता है।

तर्क - क्योंकि इसमें d2sp3 संकरण होता है।


क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।

[CoF6]3–, [Co(H2O)6]2+, [Co(CN)6]3–


क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।

[FeF6]3–, [Fe(H2O)6]2+, [Fe(CN)6]4–


संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Mn(CN)6]3− के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।

  1. संकरण का प्रकार
  2. आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
  3. चुंबकीय व्यवहार
  4. केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान

संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Cr(H2O)6]3+ के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।

  1. संकरण का प्रकार
  2. आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
  3. चुंबकीय व्यवहार
  4. केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान

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