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प्रश्न
कॉलम I में दिए गए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए रंगों को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।
| कॉलम I (संकुल आयन) | कॉलम II (रंग) |
| (A) [Co(NH3)6]3+ | (1) बैंगनी |
| (B) [Ti(H2O)6]3+ | (2) हरा |
| (C) [Ni(H2O)6]2+ | (3) पीला-नीला |
| (D) (Ni(H2O)4(en)3]2+ (aq) | (4) पीला-नारंगी |
| (5) नीला |
विकल्प
A - (1), B - (2), C - (4), D - (5)
A - (4), B - (3), C - (2), D - (1)
A - (3), B - (2), C - (4), D - (1)
A - (4), B - (1), C - (2), D - (3)
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उत्तर
A - (4), B - (3), C - (2), D - (1)
स्पष्टीकरण:
| कॉलम I (संकुल आयन) | कॉलम II (रंग) |
| (A) [Co(NH3)6]3+ | (4) पीला-नारंगी |
| (B) [Ti(H2O)6]3+ | (3) पीला-नीला |
| (C) [Ni(H2O)6]2+ | (2) हरा |
| (D) (Ni(H2O)4(en)3]2+ (aq) | (1) बैंगनी |
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कॉलम I में दिए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए संकरण तथा अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।
| कॉलम I (संकुल आयन) | कॉलम II (संकरण, अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या) |
| (A) [Cr(H2O)6]3+ | (1) dsp2, 1 |
| (B) [Co(CN)4]2– | (2) sp3d2, 5 |
| (C) [Ni(NH3)6]2+ | (3) d2sp3, 3 |
| (D) [MnF6]4– | (4) sp3, 4 |
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अभिकथन: [Cr(H2O)6]Cl2 और [Fe(H2O)6]Cl2 अपचायी प्रकृति के होते हैं।
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[CoF6]3–, [Co(H2O)6]2+, [Co(CN)6]3–
क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।
[FeF6]3–, [Fe(H2O)6]2+, [Fe(CN)6]4–
संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Mn(CN)6]3− के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।
- संकरण का प्रकार
- आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
- चुंबकीय व्यवहार
- केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान
संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Cr(H2O)6]3+ के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।
- संकरण का प्रकार
- आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
- चुंबकीय व्यवहार
- केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान
