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कॉलम I में दिए गए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए रंगों को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए। कॉलम I (संकुल आयन) कॉलम II (रंग) (A) [Co(NH3)6]3+ (1) बैंगनी (B) [Ti(H2O)6]3+ (2) हरा (C) [Ni(H2O)6]2+

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प्रश्न

कॉलम I में दिए गए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए रंगों को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।

कॉलम I (संकुल आयन) कॉलम II (रंग)
(A) [Co(NH3)6]3+ (1) बैंगनी
(B) [Ti(H2O)6]3+ (2) हरा
(C) [Ni(H2O)6]2+ (3) पीला-नीला
(D) (Ni(H2O)4(en)3]2+ (aq) (4) पीला-नारंगी
  (5) नीला

पर्याय

  • A - (1), B - (2), C - (4), D - (5)

  • A - (4), B - (3), C - (2), D - (1)

  • A - (3), B - (2), C - (4), D - (1)

  • A - (4), B - (1), C - (2), D - (3)

MCQ
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उत्तर

A - (4), B - (3), C - (2), D - (1)

स्पष्टीकरण:

कॉलम I (संकुल आयन) कॉलम II (रंग)
(A) [Co(NH3)6]3+ (4) पीला-नारंगी
(B) [Ti(H2O)6]3+ (3) पीला-नीला
(C) [Ni(H2O)6]2+ (2) हरा
(D) (Ni(H2O)4(en)3]2+ (aq) (1) बैंगनी
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पाठ 9: उपसहसंयोजन यौगिक - अभ्यास [पृष्ठ १३३]

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एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
पाठ 9 उपसहसंयोजन यौगिक
अभ्यास | Q IV. 36. | पृष्ठ १३३

संबंधित प्रश्‍न

अष्टफलकीय [CoCl6]4− के लिए CFSE 18,000 cm−1 है, तो चतुष्फलकीय [CoCl4]2− की CFSE होगी ______।


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क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित संकुलों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

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[Cr(Cl)6]3–, [Cr(CN)6]3–, [Cr(NH3)6]3+


CuSO4.5H2O का रंग नीला होता है जबकि CuSO4 रंगहीन होता है क्यों?


अभिकथन: ([Fe(CN)6]3− आयन दो अयुगलित इलेक्ट्रॉनों के समकक्ष चुंबकीय आघूर्ण प्रदर्शित करता है।

तर्क - क्योंकि इसमें d2sp3 संकरण होता है।


क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।

[FeF6]3–, [Fe(H2O)6]2+, [Fe(CN)6]4–


संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Co(NH3)6]3+ के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।

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  3. चुंबकीय व्यवहार
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