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प्रश्न
जब उभयदंती लिगंड केंद्रीय धातु आयन से जुड़े होते हैं तो कौन-सी समावयवता संभव है? उभयदंती लिगंडों के दो उदाहरण दीजिए।
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उत्तर
बंधनी समावयवता
उदाहरण:
| (i) | \[\begin{array}{cc} \phantom{.........}\ce{O}\\ \phantom{.......}/\\ \ce{M <- N}\phantom{....}\\ \phantom{.......}\backslash\backslash\\ \phantom{.........}\ce{O}\\ \ce{{नाइट्राइटो-N}} \end{array}\] |
\[\ce{\underset{{नाइट्राइटो—O}}{M<-O-N=O}}\] |
| (ii) | \[\ce{\underset{{थायोसायनेटो}}{M<-SCN}}\] | \[\ce{\underset{{आइसोथायोसायनेटो}}{M<-NCS}}\] |
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(i) [Co(en)3]3+
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(iii) समपक्ष - [Co(en)2Cl2]+
(iv) [Cr(NH3)5Cl]
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(ii) [Co(H2O)5CO]3+
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| कॉलम I (संकुल स्पीशीज़) | कॉलम II (समावयवता) |
| (A) [Co(NH3)4Cl2]+ | (1) ध्रुवण |
| (B) समपक्ष–[Co(en)2Cl2]+ | (2) आयनन |
| (C) [Co(NH3)5(NO2)]Cl2 | (3) उपसहसंयोजन |
| (D) [Co(NH3)6][Cr(CN)6] | (4) ज्यामितीय |
| (5) बंधनी |
अभिकथन: उभयदंती लिगंडों वाले उपसहसंयोजन यौगिकों में बंधनी समावयवता होती है।
तर्क: उभयदंती लिगंडों में दो भिन्न दाता परमाणु होते हैं।
