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CuSO4.5H2O का रंग नीला होता है जबकि CuSO4 रंगहीन होता है क्यों?

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प्रश्न

CuSO4.5H2O का रंग नीला होता है जबकि CuSO4 रंगहीन होता है क्यों?

टीपा लिहा
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उत्तर

CuSO4.5H2O में जल लिगंड की तरह कार्य करता है। अत: यह क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन करता है इसलिए CuSO4.5H2O में d—d स्थानांतरण संभव है और इसीलिए यह रंग प्रदर्शित करता है। परंतु निर्जल CuSO4 में लिगंड (जल) की अनुपस्थिति में क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन संभव नहीं होगा अत: रंग भी नहीं होगा।

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उपसहसंयोजन यौगिकों में आंबधन
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पाठ 9: उपसहसंयोजन यौगिक - अभ्यास [पृष्ठ १३३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
पाठ 9 उपसहसंयोजन यौगिक
अभ्यास | Q III. 34. | पृष्ठ १३३

संबंधित प्रश्‍न

कोबाल्ट (II) क्लोराइड के गुलाबी रंग के जलीय विलयन में आधिक्य में HCl मिलाने से यह गहरे नीले रंग का हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि

(i) [Co(H2O)6]2+ का [CoCl6]4− में परिवर्तन होता है।

(ii) [Co(H2O)6]2+ का [CoCl4]2− में परिवर्तन होता है।

(iii) चतुष्फलकीय संकुलों का क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन अष्टफलकीय संकुलों की तुलना में कम होता है।

(iv) चतुष्फलकीय संकुलों का क्रिस्टल क्षेत्र विषाटन अष्टफलेकीय संकुलों की तुलना में अधिक होता है।


[MnCl4]2− का चुंबकीय आघूर्ण 5.92 BM है। इसे कारण सहित स्पष्ट कीजिए।

निम्न प्रचक्रण चतुष्फलकीय संकुल क्यों नहीं बनते?


क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित संकुलों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

[CoF6]3−, [Fe(CN)6]4− और [Cu(NH3)6]2+

कॉलम I में दिए गए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए रंगों को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।

कॉलम I (संकुल आयन) कॉलम II (रंग)
(A) [Co(NH3)6]3+ (1) बैंगनी
(B) [Ti(H2O)6]3+ (2) हरा
(C) [Ni(H2O)6]2+ (3) पीला-नीला
(D) (Ni(H2O)4(en)3]2+ (aq) (4) पीला-नारंगी
  (5) नीला

कॉलम I में दिए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए संकरण तथा अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।

कॉलम I (संकुल आयन) कॉलम II (संकरण, अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या)
(A) [Cr(H2O)6]3+ (1) dsp2, 1
(B) [Co(CN)4]2– (2) sp3d2, 5
(C) [Ni(NH3)6]2+ (3) d2sp3, 3
(D) [MnF6]4– (4) sp3, 4
  (5) sp3d2, 2

अभिकथन: ​[Cr(H2O)6]Cl2 और [Fe(H2O)6]Cl2 अपचायी प्रकृति के होते हैं।

तर्क: इनके d-कक्षकों में अयुगलित इलेक्ट्रॉन होते हैं।


क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।

[FeF6]3–, [Fe(H2O)6]2+, [Fe(CN)6]4–


संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Cr(H2O)6]3+ के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।

  1. संकरण का प्रकार
  2. आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
  3. चुंबकीय व्यवहार
  4. केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान

संकुल का प्रेक्षित रंग संकुल द्वारा अवशोषित तरंग दैर्घ्य से कैसे संबधित होता है?


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