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प्रश्न
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उत्तर
मान लीजिए चुंबकीय आघूर्ण का 5.92 BM Mn2+ के d-कक्षकों के पाँच अयुगलित इलेक्ट्रॉनों के अनुरूप है। परिणामस्वरूप निहित संकरण dsp2 के बजाय sp3 होता है। अतः [MnCl4]2− की चतुष्फलकीय संरचना के चुंबकीय आघूर्ण का मान 5.92 BM होता है।
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संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [FeCl6]4− के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।
- संकरण का प्रकार
- आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
- चुंबकीय व्यवहार
- केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान
