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क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि Co(III) दुर्बल क्षेत्र लिगंड के साथ अनुचुंबकीय अष्टफलकीय संकुल क्यों बनाता है

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प्रश्न

क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि Co(III) दुर्बल क्षेत्र लिगंड के साथ अनुचुंबकीय अष्टफलकीय संकुल क्यों बनाता है जबकि प्रबल क्षेत्र लिगंड के साथ यह प्रतिचुंबकीय अष्टफलकीय संकुल बनाता है।

टीपा लिहा
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उत्तर

दुर्बल क्षेत्र लिगंडों के साथ Δ0, < p, इसलिए Co(III) का इलेक्ट्रॉनी विन्यास \[\ce{t^4_{2g} e^2_g}\] होता है और इसमें 4 अयुगलित इलेक्ट्रॉन होते हैं तथा यह अनुचुंबकीय होता है। प्रबल क्षेत्र लिगंडों के साथ, Δ0 > p, इसलिए इलेक्ट्रॉनी विन्यास \[\ce{t^6_{2g} e^0_g}\] होता है। इसमें कोई अयुगलित इलेक्ट्रॉन नहीं होता और यह प्रतिचुंबकीय होता है।

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पाठ 9: उपसहसंयोजन यौगिक - अभ्यास [पृष्ठ १३२]

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एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
पाठ 9 उपसहसंयोजन यौगिक
अभ्यास | Q III. 28. | पृष्ठ १३२

संबंधित प्रश्‍न

Mn, Fe और Co की परमाणु संख्या क्रमशः 25, 26 और 27 है। निम्नलिखित में से कौन-से आन्तरिक कक्षक अष्टफलकीय संकुल प्रतिचुंबकीय हैं?
(i) [Co(NH3)6]3+
(ii) [Mn(CN)6]3–
(iii) [Fe(CN)6]4–
(iv) [Fe(CN)6]3–

Mn, Fe, Co और Ni की परमाणु संख्या क्रमशः 25, 26, 27 और 28 है। निम्नलिखित में से किन वाह्य कक्षक अष्टफलकीय संकुलों में अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान है?
(i) [MnCl6]3–
(ii) [FeF6]3–
(iii) [CoF6]3–
(iv) [Ni(NH3)6]2+

[Fe(CN)6]3– संकुल के विषय में कौन-से विकल्प सही हैं?

(i) d2sp3 संकरण

(ii) sp3d2 संकरण

(iii) अनुचुंबकीय

(iv) प्रतिचुंबकीय


क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित संकुलों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

[CoF6]3−, [Fe(CN)6]4− और [Cu(NH3)6]2+

अभिकथन: ​[Cr(H2O)6]Cl2 और [Fe(H2O)6]Cl2 अपचायी प्रकृति के होते हैं।

तर्क: इनके d-कक्षकों में अयुगलित इलेक्ट्रॉन होते हैं।


अभिकथन: ([Fe(CN)6]3− आयन दो अयुगलित इलेक्ट्रॉनों के समकक्ष चुंबकीय आघूर्ण प्रदर्शित करता है।

तर्क - क्योंकि इसमें d2sp3 संकरण होता है।


संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Mn(CN)6]3− के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।

  1. संकरण का प्रकार
  2. आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
  3. चुंबकीय व्यवहार
  4. केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान

संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Co(NH3)6]3+ के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।

  1. संकरण का प्रकार
  2. आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
  3. चुंबकीय व्यवहार
  4. केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान

संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [FeCl6]4− के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।

  1. संकरण का प्रकार
  2. आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
  3. चुंबकीय व्यवहार
  4. केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान

उसी धातु और उन्हीं लिगंडों वाले अष्टफलकीय और चतुष्फलकीय संकुलों का रंग भिन्न क्यों होता है?


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