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प्रश्न
क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि Co(III) दुर्बल क्षेत्र लिगंड के साथ अनुचुंबकीय अष्टफलकीय संकुल क्यों बनाता है जबकि प्रबल क्षेत्र लिगंड के साथ यह प्रतिचुंबकीय अष्टफलकीय संकुल बनाता है।
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उत्तर
दुर्बल क्षेत्र लिगंडों के साथ Δ0, < p, इसलिए Co(III) का इलेक्ट्रॉनी विन्यास \[\ce{t^4_{2g} e^2_g}\] होता है और इसमें 4 अयुगलित इलेक्ट्रॉन होते हैं तथा यह अनुचुंबकीय होता है। प्रबल क्षेत्र लिगंडों के साथ, Δ0 > p, इसलिए इलेक्ट्रॉनी विन्यास \[\ce{t^6_{2g} e^0_g}\] होता है। इसमें कोई अयुगलित इलेक्ट्रॉन नहीं होता और यह प्रतिचुंबकीय होता है।
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अष्टफलकीय [CoCl6]4− के लिए CFSE 18,000 cm−1 है, तो चतुष्फलकीय [CoCl4]2− की CFSE होगी ______।
निम्नलिखित में से कौन-सी स्पीशीज़ का लिगंड होना अपेक्षित नहीं है?
[Fe(CN)6]3– संकुल के विषय में कौन-से विकल्प सही हैं?
(i) d2sp3 संकरण
(ii) sp3d2 संकरण
(iii) अनुचुंबकीय
(iv) प्रतिचुंबकीय
कोबाल्ट (II) क्लोराइड के गुलाबी रंग के जलीय विलयन में आधिक्य में HCl मिलाने से यह गहरे नीले रंग का हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि
(i) [Co(H2O)6]2+ का [CoCl6]4− में परिवर्तन होता है।
(ii) [Co(H2O)6]2+ का [CoCl4]2− में परिवर्तन होता है।
(iii) चतुष्फलकीय संकुलों का क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन अष्टफलकीय संकुलों की तुलना में कम होता है।
(iv) चतुष्फलकीय संकुलों का क्रिस्टल क्षेत्र विषाटन अष्टफलेकीय संकुलों की तुलना में अधिक होता है।
कॉलम I में दिए गए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए रंगों को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।
| कॉलम I (संकुल आयन) | कॉलम II (रंग) |
| (A) [Co(NH3)6]3+ | (1) बैंगनी |
| (B) [Ti(H2O)6]3+ | (2) हरा |
| (C) [Ni(H2O)6]2+ | (3) पीला-नीला |
| (D) (Ni(H2O)4(en)3]2+ (aq) | (4) पीला-नारंगी |
| (5) नीला |
कॉलम I में दिए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए संकरण तथा अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।
| कॉलम I (संकुल आयन) | कॉलम II (संकरण, अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की संख्या) |
| (A) [Cr(H2O)6]3+ | (1) dsp2, 1 |
| (B) [Co(CN)4]2– | (2) sp3d2, 5 |
| (C) [Ni(NH3)6]2+ | (3) d2sp3, 3 |
| (D) [MnF6]4– | (4) sp3, 4 |
| (5) sp3d2, 2 |
अभिकथन: ([Fe(CN)6]3− आयन दो अयुगलित इलेक्ट्रॉनों के समकक्ष चुंबकीय आघूर्ण प्रदर्शित करता है।
तर्क - क्योंकि इसमें d2sp3 संकरण होता है।
क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।
[FeF6]3–, [Fe(H2O)6]2+, [Fe(CN)6]4–
उसी धातु और उन्हीं लिगंडों वाले अष्टफलकीय और चतुष्फलकीय संकुलों का रंग भिन्न क्यों होता है?
