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प्रश्न
उपसहसंयोजन यौगिकों का रंग क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन पर निर्भर करता है। संकुलों [Co(NH3)6]3+, [Co(CN)6]3− तथा [Co(H2O)6]3+ का दृश्य क्षेत्र में तरंगदैर्घ्य के अवशोषण का सही क्रम क्या होगा?
पर्याय
\[\ce{[Co(CN)6]^{3-} > [Co(NH3)6]^{3+} > [Co(H2O)6]^{3+}}\]
\[\ce{[Co(NH3)6]^{3+} > [Co(H2O)6]^{3+} > [Co(CN)6]^{3-}}\]
\[\ce{[Co(H2O)6]^{3+} > [Co(NH3)6]^{3+} > [Co(CN)6]^{3-}}\]
\[\ce{[Co(CN)6]^{3-} > [Co(H2O)6]^{3+} > [Co(NH3)6]^{3+}}\]
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उत्तर
\[\ce{[Co(H2O)6]^{3+} > [Co(NH3)6]^{3+} > [Co(CN)6]^{3-}}\]
स्पष्टीकरण:
\[\ce{[Co(CN)6]^{3-} > [Co(NH3)6]^{3+} > [Co(H2O)6]^{3+}}\]
Δα के मानों के अनुसार, एक क्रम का अनुसरण किया जाता है: (Δα = CFSE का परिमाण)
\[\ce{[Co(H2O)6]^{3+} < [Co(NH3)6]^{3+} < [Co(CN)6]^{3-}}\]
तरंगदैर्घ्य के अवशोषण का क्रम इस प्रकार अनुसरण किया जाता है:
\[\ce{[Co(H2O)6]^{3+} > [Co(NH3)6]^{3+} > [Co(CN)6]^{3-}}\]
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संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित में से कौन-सी स्पीशीज़ का लिगंड होना अपेक्षित नहीं है?
क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि Co(III) दुर्बल क्षेत्र लिगंड के साथ अनुचुंबकीय अष्टफलकीय संकुल क्यों बनाता है जबकि प्रबल क्षेत्र लिगंड के साथ यह प्रतिचुंबकीय अष्टफलकीय संकुल बनाता है।
निम्नलिखित संकुल आयनों को क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन ऊर्जा (Δ0) के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
[Cr(Cl)6]3–, [Cr(CN)6]3–, [Cr(NH3)6]3+
CuSO4.5H2O का रंग नीला होता है जबकि CuSO4 रंगहीन होता है क्यों?
कॉलम I में दिए गए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए रंगों को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।
| कॉलम I (संकुल आयन) | कॉलम II (रंग) |
| (A) [Co(NH3)6]3+ | (1) बैंगनी |
| (B) [Ti(H2O)6]3+ | (2) हरा |
| (C) [Ni(H2O)6]2+ | (3) पीला-नीला |
| (D) (Ni(H2O)4(en)3]2+ (aq) | (4) पीला-नारंगी |
| (5) नीला |
अभिकथन: [Cr(H2O)6]Cl2 और [Fe(H2O)6]Cl2 अपचायी प्रकृति के होते हैं।
तर्क: इनके d-कक्षकों में अयुगलित इलेक्ट्रॉन होते हैं।
क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।
[FeF6]3–, [Fe(H2O)6]2+, [Fe(CN)6]4–
संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Co(NH3)6]3+ के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।
- संकरण का प्रकार
- आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
- चुंबकीय व्यवहार
- केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान
संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [FeCl6]4− के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।
- संकरण का प्रकार
- आंतरिक अथवा बाह्य कक्षक संकुल
- चुंबकीय व्यवहार
- केवल प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण मान
संकुल का प्रेक्षित रंग संकुल द्वारा अवशोषित तरंग दैर्घ्य से कैसे संबधित होता है?
