Advertisements
Advertisements
Question
सब अँधियारा मिटि गया’ यहाँ किस अँधियारे की ओर संकेत किया गया है? यह अँधियारा कैसे दूर हुआ?
Advertisements
Solution
‘सब अँधियारा मिटि गया’ के माध्यम से मनुष्य के मन में समाए अहंकार, अज्ञान, भय जैसे अँधियारे की ओर संकेत किया गया है जिसके कारण मनुष्य सांसारिकता में डूबा था और ईश्वर को नहीं पहचान पाता है। यह अँधियारा प्रकाशपुंज ईश्वर रूपी दीपक को मन में देखा। यह अँधेरा उसी तरह मिट गया जैसे दीपक जलाने से अँधेरा समाप्त हो जाता है।
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
मीठी वाणी बोलने से औरों को सुख और अपने तन को शीतलता कैसे प्राप्त होती है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
दीपक दिखाई देने पर अँधियारा कैसे मिट जाता है? साखी के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
ईश्वर कण-कण में व्याप्त है, पर हम उसे क्यों नहीं देख पाते?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
संसार में सुखी व्यक्ति कौन है और दुखी कौन? यहाँ 'सोना' और 'जागना' किसके प्रतीक हैं? इसका प्रयोग यहाँ क्यों किया गया है? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कबीर की उद्धृत साखियों की भाषा की विशेषता स्पष्ट कीजिए।
भाव स्पष्ट कीजिए −
बिरह भुवंगम तन बसै, मंत्र न लागै कोइ।
भाव स्पष्ट कीजिए −
कस्तूरी कुंडलि बसै, मृग ढूँढै बन माँहि।
भाव स्पष्ट कीजिए−
पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुवा, पंडित भया न कोइ।
पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रुप उदाहरण के अनुसार लिखिए।
उदाहरण − जिवै - जीना
औरन, माँहि, देख्या, भुवंगम, नेड़ा, आँगणि, साबण, मुवा, पीव, जालौं, तास।
कस्तूरी के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।
मीठी वाणी/बोली संबंधी व ईश्वर प्रेम संबंधी दोहों का संकलन कर चार्ट पर लिखकर भित्ति पत्रिका पर लगाइए।
कबीर की साखियों को याद कीजिए और कक्षा में अंत्याक्षरी में उनका प्रयोग कीजिए।
‘ऐसैं घटि घटि राँम है’ के माध्यम से कबीर ने मनुष्य को किस सत्यता से परिचित किया है?
हर प्राणी में राम के बसने की तुलना किससे की गई है?
कबीर की साखियाँ जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। इनमें जिन जीवन-मूल्यों की झलक मिलती है, उनका उल्लेख कीजिए।
निंदक किसे कहा गया है? वह व्यक्ति के स्वभाव का परिष्करण किस तरह करता है?
कबीर और मीरा की भक्ति की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
कबीर ने निंदक को पास रखने की सलाह क्यों दी है? क्या यह सलाह आपको उचित प्रतीत होती है? कारण सहित स्पष्ट कीजिए।
कबीर के अनुसार मीठी बोली का क्या प्रभाव होता है?
- हमारा शरीर शीतल होता है।
- बोली में अहं का भाव आता है।
- हमारा काम सरलतापूर्वक हो जाता है।
- सुनने वाले को सुखानुभूति होती है।
