English

कबीर और मीरा की भक्ति की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

Advertisements
Advertisements

Question

कबीर और मीरा की भक्ति की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

Answer in Brief
Advertisements

Solution

कबीर दास भक्ति काल के निर्गुण काव्यधारा के प्रमुख कवियों में से एक है उन्होंने राम को निर्गुण रूप में स्वीकार किया है तथा वह निर्गुण की उपासना का संदेश देते हैं उनकी राम भावना ब्रह्म भावना से सर्वथा मिलती है। कबीर पहले भक्त हैं फिर कवि है। उन्होंने जाति-पाती, काम-धाम, चमक-दमक, दिखावा,पहनावा, अंधविश्वास, मूर्तिपूजा, हिंसा, माया, छुआछूत, आदि पर विद्रोह भावना प्रकट की हैं। इन सब से दूर होकर भक्ति की भावना में लीन होने के लिए कबीरदास जी कहते हैं।

मीरा का काव्य जहाँ एक तरफ कृष्ण-भक्ति में एकनिष्ठ होकर अपनी मुक्ति का मार्ग खोजने का आख्यान है वहीं दूसरी तरफ एक नारी के शाश्वत दुःखों का गायन भी है। मीरा के काव्य में काव्यशास्त्रों में वर्णित सिद्धान्तों का निदर्शन बहुत कम प्राप्त होता है, क्योंकि इनके काव्य में भाव-प्रवणत्ता प्रधान है और शिल्प द्वितीयक है। ऐसा भी नहीं है कि शिल्प का बिल्कुल अभाव हो, परन्तु कलात्मक तत्त्वों से अधिक भावात्मक तत्त्वों का ध्यान रखने के कारण इनका काव्य शिल्प-प्रधान नहीं है।

shaalaa.com
साखी
  Is there an error in this question or solution?
2022-2023 (March) Sample

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
दीपक दिखाई देने पर अँधियारा कैसे मिट जाता है? साखी के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
संसार में सुखी व्यक्ति कौन है और दुखी कौन? यहाँ 'सोना' और 'जागना' किसके प्रतीक हैं? इसका प्रयोग यहाँ क्यों किया गया है? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
अपने स्वभाव को निर्मल रखने के लिए कबीर ने क्या उपाय सुझाया है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
'ऐकै अषिर पीव का, पढ़ै सु पंडित होई' −इस पंक्ति द्वारा कवि क्या कहना चाहता है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कबीर की उद्धृत साखियों की भाषा की विशेषता स्पष्ट कीजिए।


भाव स्पष्ट कीजिए −

बिरह भुवंगम तन बसै, मंत्र न लागै कोइ।


भाव स्पष्ट कीजिए−
जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाँहि।


मीठी वाणी/बोली संबंधी व ईश्वर प्रेम संबंधी दोहों का संकलन कर चार्ट पर लिखकर भित्ति पत्रिका पर लगाइए।


ऐसी बाँणी बोलिये’ के माध्यम से कबीर कैसी वाणी बोलने की सीख दे रहे हैं और क्यों?


‘ऐसैं घटि घटि राँम है’ के माध्यम से कबीर ने मनुष्य को किस सत्यता से परिचित किया है?


हर प्राणी में राम के बसने की तुलना किससे की गई है?


सब अँधियारा मिटि गया’ यहाँ किस अँधियारे की ओर संकेत किया गया है? यह अँधियारा कैसे दूर हुआ?


कबीर की दृष्टि में संसार सुखी और वह स्वयं दुखी हैं, ऐसा क्यों?


निंदक के बारे में कबीर की राय समाज से पूरी तरह भिन्न थी। स्पष्ट कीजिए।


ईश्वर के संबंध में कबीर के अनुभवों और मान्यताओं का वर्णन साखियों के आधार पर कीजिए।


'कर चले हम फ़िदा' कविता और 'कारतूस' एकांकी के भावों की तुलना कीजिए। विश्लेषण करते हुए अपने मत के समर्थन में तर्क प्रस्तुत कीजिए।


कबीर के अनुसार मीठी बोली का क्या प्रभाव होता है?

  1. हमारा शरीर शीतल होता है।
  2. बोली में अहं का भाव आता है।
  3. हमारा काम सरलतापूर्वक हो जाता है।
  4. सुनने वाले को सुखानुभूति होती है।

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×