Advertisements
Advertisements
Question
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | नामरूपम् | प्रातिपदिकम् | अन्तः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
| १ | भानोः | |||||
| २ | भ्रातुषु | |||||
| ३ | अस्याः |
Advertisements
Solution
| अ. क्र. | नामरूपम् | प्रातिपदिकम् | अन्तः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
| १ | भानोः | भानु | उकारान्तः | पुलिङ्गम् | पञ्चमी, षष्ठी | एकवचनम् |
| २ | भ्रातुषु | भ्रातृ | ऋकारान्तः | पुलिङ्गम् | सप्तमी | एकवचनम् |
| ३ | अस्याः | इदम् | स्त्रीलिङ्गम् | पञ्चमी, षष्ठी | एकवचनम् |
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
समानार्थकशब्दं लिखत।
वृक्षाः - ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
परः × ______
एकवचने परिवर्तयत।
सर्वाः क्रियाः अफलाः।
रूपपरिचयं कुरुत।
पयः
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
शास्त्रविदः - ______
उचितं कारणं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
मात्रा स्वशाटिका आर्द्रा कृता यतः ______।
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
प्रयोगः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
सरसः - ______
श्लोकात् 'क्त' प्रत्ययान्तरूपाणि (क. भू. धा. वि.) चिनुत लिखत च।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सोमशर्मेति = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
कृपणः - ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
मुनयः वनप्रदेशे निवसन्ति। (एकवचने परिवर्तयत।)
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
______ + ऊर्जा = भानूर्जा।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
आपणिकः देवं नतवती।
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
भक्तः विष्णुं ______ (स्मृ) तपश्चरणं करोति।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
यः गणपतिस्तोत्रं जपेत् सः षडभिः मासैः फलं लभेत।
रूपाभ्यासं कुरुत।
प्रयतेरन्
रूपाभ्यासं कुरुत।
संरक्षेम
तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | ______ | जगन्ति | प्रथमा |
| अप्सरसा | ______ | ______ | तृतीया |
| ______ | ______ | मरुत्सु | सप्तमी |
| ______ | भूभृतोः | ______ | षष्ठी |
| सरितः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| ______ | तेजसी | ______ | द्वितीया |
| ______ | ______ | उषस्सु | सप्तमी |
योग्यं रूपं लिखत।
राजा नाम ______ (क्ष्माभृत्)।
महत् इति तकारान्त विशेषण पठित्वा तालिका पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| महान् नृपः | महान्तौ नृपौ | महान्तः नृपाः | महान् गुरुः | महान्तौ ______ | महान्तः ______ |
| महान् कविः | महान्तौ कवी | महान्तः कवयः | महान् ______ | महान्तौ ऋषी | महान्तः ______ |
| महती शिला | महत्यौ शिले | महत्यः शिलाः | महती ______ | महत्यौ ______ | महत्यः नार्यः |
| महती नदी | महत्यौ नद्यौ | महत्यः नद्यः | महती धेनुः | महत्यौ ______ | महत्यः ______ |
| महत् नगरम् | महती नगरे | महान्ति नगराणि | महत् ______ | महती विश्वे | महान्ति ______ |
| महत् वस्तु | महती वस्तुनि | महान्ति वस्तूनि | महत् सरः | महती ______ | महान्ति ______ |
समस्तपदं लिखत।
जलस्य बिन्दुः - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
सदृश - ______
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| तव, ते | ______ | ______ | षष्ठी |
| ______ | आभ्याम् | ______ | चतुर्थी |
| ______ | ______ | भवतः | द्वितीया |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
______ + ओघः = गङ्गौघः।
सन्धिकोषः।
यत्रैतास्तु = ______ + एताः + ______।
सन्धिकोषः।
सर्वास्तत्राफलाः = ______ + ______ + अफलाः।
सन्धिकोषः।
______ = क्रियावान् + सः।
सन्धिकोषः।
तत्रैव = ______ + एव।
सन्धिकोषः।
स्वदेशमपाहरन् = ______ + अपाहरन्।
सन्धिकोषः।
अतस्ताम् = ______ + ताम्।
सन्धिकोषः।
______ = अन्यः + च।
'इदम्' सर्वनाम पुंलिङ्गम्।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अयम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| इमम्/एनम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| अनेन /एनेन | ______ | ______ | तृतीया |
| अस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| अस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| अस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| अस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
केवलं प्रथमपुरुषस्य क्रियापदेन सह उपयुज्यते किन्तु मध्यमपुरुषस्य दर्शकम्। यथा -
| कर्तृपदम् | लट्लकारः | लङ्लकारः | लोट्लकारः | विधिलिङ्लकारः |
| भवान्/भवती | ______ | ______ | ______ | ______ |
| त्वम् | ______ | ______ | ______ | ______ |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
नमः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
गम् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
दा-यच्छ् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
कथ् = ______
