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पूरी कविता में प्रकृति का मानवीकरण किया गया है। आपको कविता का कौन-सा मानवीय रूप पसंद आया और क्यों?

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Question

पूरी कविता में प्रकृति का मानवीकरण किया गया है। आपको कविता का कौन-सा मानवीय रूप पसंद आया और क्यों?
Very Long Answer
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Solution

महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ ने संपूर्ण कविता में प्रकृति का अत्यंत सुंदर और अनुपम मानवीकरण किया है। विशेष रूप से-

हँसते हैं छोटे पौधे लघु भार शस्य अपार,
हिल-हिल, खिल-खिल, हाथ हिलाते, तुझे बुलाते, तुझे बुलाते,
विप्लव रव से छोटी ही है शोभा पाते।

इन पंक्तियों में कवि ने छोटे-छोटे पौधों को बच्चों के रूप में चित्रित किया है। जिस प्रकार बच्चे प्रसन्न होकर हँसते हैं, उछलते-कूदते हैं, हाथ हिलाते हैं तथा अपने माता-पिता को पुकारते हैं, उसी प्रकार के सभी स्वाभाविक और आकर्षक मानवीय भावों को कवि ने पौधों के माध्यम से अभिव्यक्त किया है। बच्चों की चंचलता, उल्लास, मुस्कान और स्नेहपूर्ण पुकार का अत्यंत सजीव चित्रण पौधों में दिखाई देता है। पौधों का यह मानवीकरण पाठकों के हृदय को गहराई से स्पर्श करता है। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि कवि ने अत्यंत सरल और सहज भाषा में इस मानवीकरण को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।

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बादल राग
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Chapter 6: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' (बादल राग) - अभ्यास [Page 37]

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NCERT Hindi Aaroh Bhag 2 Class 12
Chapter 6 सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' (बादल राग)
अभ्यास | Q 1. | Page 37

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व्याख्या कीजिये

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व्याख्या कीजिये

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कविता को प्रभावी बनाने के लिए कवि विशेषणों का सायास प्रयोग करता है जैसे- अस्थिर सुख। सुख के साथ अस्थिर विशेषण के प्रयोग ने सुख के अर्थ में विशेष प्रभाव पैदा कर दिया है। ऐसे अन्य विशेषणों को कविता से छाँटकर लिखें तथा बताएँ कि ऐसे शब्द-पदों के प्रयोग से कविता के अर्थ में क्या विशेष प्रभाव पैदा हुआ है?


निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

‘बादल राग’ कविता के आधार पर भाव स्पष्ट कीजिए - "विप्लव-रव से छोटे ही हैं शोभा पाते।"


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