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कविता को प्रभावी बनाने के लिए कवि विशेषणों का सायास प्रयोग करता है जैसे- अस्थिर सुख। सुख के साथ अस्थिर विशेषण के प्रयोग ने सुख के अर्थ में विशेष प्रभाव पैदा कर दिया है। ऐसे अन्य

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Question

कविता को प्रभावी बनाने के लिए कवि विशेषणों का सायास प्रयोग करता है जैसे- अस्थिर सुख। सुख के साथ अस्थिर विशेषण के प्रयोग ने सुख के अर्थ में विशेष प्रभाव पैदा कर दिया है। ऐसे अन्य विशेषणों को कविता से छाँटकर लिखें तथा बताएँ कि ऐसे शब्द-पदों के प्रयोग से कविता के अर्थ में क्या विशेष प्रभाव पैदा हुआ है?

Very Long Answer
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Solution

कविता में निम्नलिखित विशेषणों का प्रयोग किया गया है।

  1. दग्ध हृदय - हृदय के आगे दग्ध विशेषण लिखकर उसके दुख को बहुत अच्छी तरह स्पष्ट किया है।
  2. निर्दय विप्लव - विप्लव के क्रूर स्वरूप को दिखाने के लिए निर्दय शब्द से प्रभाव पड़ता है।
  3. ऊँचा कर सिर - इसमें ऊँचा विशेषण शब्द लगाकर प्रभाव पड़ता है। इससे उनका गौरवशाली स्वरूप उभरकर आता है।
  4. अचल शरीर - शरीर के आगे अचल शब्द लगाकर उसके स्वरूप को स्थायी बताया गया है।
  5. आतंक भवन - भवन के स्वरूप को भयानक बताने के लिए आतंक शब्द लगाया गया है। यहाँ आतंक का जन्म होता है और यही वह पलता है।
  6. सुकुमार शरीर - इनका शरीर बहुत कोमल होता है। अतः उसे बताने के लिए सुकुमार शब्द लगाया गया है। इससे बहुत प्रभाव पड़ता है।
  7. जीर्ण बाहु - बाहों की कमज़ोरी को दर्शाने के लिए जीर्ण शब्द लगाया गया है। 
  8. जीर्ण शरीर - शरीर के कमज़ोर स्वरूप को दर्शाने के लिए जीर्ण शब्द लगाया गया है।
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बादल राग
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Chapter 6: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' (बादल राग) - अभ्यास [Page 37]

APPEARS IN

NCERT Hindi Aaroh Bhag 2 [English] Class 12
Chapter 6 सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' (बादल राग)
अभ्यास | Q 5. | Page 37

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अस्थिर सुख पर दुख की छाया पंक्ति में दुख की छाया किसे कहा गया है और क्यों?


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व्याख्या कीजिये

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व्याख्या कीजिये

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‘बादल राग’ कविता के आधार पर भाव स्पष्ट कीजिए - "विप्लव-रव से छोटे ही हैं शोभा पाते।"


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