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Question
पृथ्वी के चारों ओर घूमते हुए एक उपग्रह पर गुरुत्व बल द्वारा कितना कार्य किया जाएगा? अपने उत्तर को तर्कसंगत बनाइए।
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Solution
जब कोई उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर घूमता है, तो एक छोटे अंतराल में उसका विस्थापन उपग्रह के वृत्ताकार पथ के स्पर्शरेखा के साथ होता है। पृथ्वी के कारण उपग्रह पर कार्य करने वाला गुरुत्वाकर्षण बल (F) चित्र में दिखाए अनुसार त्रिज्या के साथ होता है।

चूँकि स्पर्शरेखा हमेशा त्रिज्या के लंबवत होती है, इसलिए विस्थापन और बल एक दूसरे के लंबवत होते हैं। बल की दिशा में उपग्रह का कोई विस्थापन नहीं होता है, अर्थात, s = 0 इस प्रकार, उपग्रह पर गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य शून्य है, क्योंकि W = F × s = 0
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