मराठी

पृथ्वी के चारों ओर घूमते हुए एक उपग्रह पर गुरुत्व बल द्वारा कितना कार्य किया जाएगा? अपने उत्तर को तर्कसंगत बनाइए। - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

पृथ्वी के चारों ओर घूमते हुए एक उपग्रह पर गुरुत्व बल द्वारा कितना कार्य किया जाएगा? अपने उत्तर को तर्कसंगत बनाइए।

लघु उत्तर
Advertisements

उत्तर

जब कोई उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर घूमता है, तो एक छोटे अंतराल में उसका विस्थापन उपग्रह के वृत्ताकार पथ के स्पर्शरेखा के साथ होता है। पृथ्वी के कारण उपग्रह पर कार्य करने वाला गुरुत्वाकर्षण बल (F) चित्र में दिखाए अनुसार त्रिज्या के साथ होता है।

चूँकि स्पर्शरेखा हमेशा त्रिज्या के लंबवत होती है, इसलिए विस्थापन और बल एक दूसरे के लंबवत होते हैं। बल की दिशा में उपग्रह का कोई विस्थापन नहीं होता है, अर्थात, s = 0 इस प्रकार, उपग्रह पर गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य शून्य है, क्योंकि W = F × s = 0

shaalaa.com
यांत्रिक ऊर्जा और इसके प्रकार - गतिज ऊर्जा
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 10: कार्य और उर्जा - अभ्यास [पृष्ठ १४२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Vigyaan [Hindi] Class 9
पाठ 10 कार्य और उर्जा
अभ्यास | Q 11. | पृष्ठ १४२

संबंधित प्रश्‍न

एक पिंड को धरती से किसी कोण पर फेंका जाता है। यह एक वक्र पथ पर चलता है और वापस धरती पर आ गिरता है। पिंड के पथ के प्रारंभिक तथा अंतिम बिंदु एक ही क्षैतिज रेखा पर स्थित हैं। पिंड पर गुरुत्व बल द्वारा कितना कार्य किया गया?


m द्रव्यमान का एक पिंड एक नियत वेग v से गतिशील है। पिंड पर कितना कार्य करना चाहिए कि यह विराम अवस्था में आ जाए?


मुक्त रूप से गिरता एक पिंड अंततः धरती तक पहुँचने पर रुक जाता है। इसकी गतिज ऊर्जा का क्या होता है?


एक रॉकेट ऊपर की ओर v वेग से गतिमान है। यदि रॉकेट का वेग यकायक तीन गुना हो जाए तो इसकी आरंभिक एवं अंतिम गतिज ऊर्जाओं का अनुपात क्या होगा?


सरल रेखा में गतिमान किसी पिंड पर गति की दिशा में कुछ दूरी तक, एक नियत बल F लगाकर इसका वेग बढ़ाया गया है। सिद्ध कीजिए कि पिंड की गतिज ऊर्जा में वृद्धि पिंड पर बल द्वारा किए गए कार्य के बराबर होती है।


एक हलका तथा दूसरा भारी, दो पिंडों के संवेग समान हैं। इनकी गतिज ऊर्जाओं का अनुपात ज्ञात कीजिए। इनमें किसकी गतिज ऊर्जा अधिक है?


कोई स्वचालित इंजन किसी 1000 kg द्रव्यमान की कार (A) को 36 km h-1 की चाल से समतल सड़क पर खींचता है। यदि यह गति 100 N घर्षण बल के तुल्य है तो इंजन की शक्ति परिकलित कीजिए। अब मान लीजिए 200 m चलने के पश्चात् यह कार समान द्रव्यमान की किसी दूसरी स्थिर कार (B) से टकराकर स्वयं विरामावस्था में आ जाती है। मान लीजिए उसी क्षण इसका इंजन भी रुक जाता है। अब कार B का इंजन चालू नहीं है और संघट्ट के पश्चात् यह उसी समतल सड़क पर चलना प्रारंभ कर देती है। संघट्ट के तुरंत पश्चात् कार B की चाल परिकलित कीजिए। 


नीचे दिए गए प्रत्येक प्रकरण में गुरुत्व बल के विरुद्ध ऊपर की ओर गति करने की शक्तियों की तुलना कीजिए -

250 g की गिलहरी, 0.5ms-1 की दर से पेड़ पर चढ़ रही है। 


गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।


क्या किसी पिंड का संवेग शून्य होने पर पिंड में गतिज ऊर्जा होती है? स्पष्ट कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×