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Questions
प्रभुता की कामना को मृगतृष्णा क्यों कहा गया है?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 30-40 शब्दों में लिखिए:
प्रभुता की कामना को मृगतृष्णा क्यों कहा गया? ‘छाया मत छूना’ कविता के आधार पर लिखिए।
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Solution
प्रभुता की कामना को मृगतृष्णा इसलिए कहा गया है क्योंकि जिस तरह रेगिस्तान में भीषण गरमी में दूर चमकती रेत देखकर हिरन को पानी का भ्रम होता है, वह भागकर उसके पास जाता है, परंतु उसे निराश होना पड़ता है। उसी प्रकार प्रभुता या बड़प्पन का अहसास एक भ्रम है, जिसके पीछे व्यक्ति आजीवन भागता रहता है परंतु हासिल कुछ नहीं होता है।
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'छाया मत छूना’ कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?
अथवा
‘छाया मत छूना’ कविता का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।
