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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 30-40 शब्दों में लिखिए- शिशु के धूलि-धूसरित शरीर को देखकर कवि नागार्जुन ने क्या कल्पना की? - Hindi Course - A

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Question

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 30-40 शब्दों में लिखिए-

शिशु के धूलि-धूसरित शरीर को देखकर कवि नागार्जुन ने क्या कल्पना की?

Short Answer
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Solution

कवि नागार्जुन ने शिशु के धूसरित शरीर को देखकर कहा कि आपके धूल से सने शरीर को देखकर लगता है, मानो कमल के फूल तालाब छोड़कर झोपड़ी में खिल रहे हैं, यानी हृदय कमल की तरह खिल रहा है। कवि सोचता है कि बच्चे का कोमल स्पर्श इतना जीवंत है कि कठोर पत्थर भी पिघलकर जल बन गया होगा।

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2019-2020 (March) Delhi set 1
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