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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 30-40 शब्दों में लिखिए-
शिशु के धूलि-धूसरित शरीर को देखकर कवि नागार्जुन ने क्या कल्पना की?
लघु उत्तरीय
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उत्तर
कवि नागार्जुन ने शिशु के धूसरित शरीर को देखकर कहा कि आपके धूल से सने शरीर को देखकर लगता है, मानो कमल के फूल तालाब छोड़कर झोपड़ी में खिल रहे हैं, यानी हृदय कमल की तरह खिल रहा है। कवि सोचता है कि बच्चे का कोमल स्पर्श इतना जीवंत है कि कठोर पत्थर भी पिघलकर जल बन गया होगा।
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