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‘भूली-सी एक छुअन बनता हर जीवित क्षण’ से कवि का क्या आशय है? - Hindi Course - A

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Question

‘भूली-सी एक छुअन बनता हर जीवित क्षण’ से कवि का क्या आशय है?

One Line Answer
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Solution

‘भूली-सी एक छुअन बनता हर जीवित क्षण’ से कवि का आशय है-कवि के द्वारा अपनी प्रिया के साथ बिताए पलों को भूलकर भी याद कर लेने से वे पल चलचित्र की भाँति सजीव होकर आँखों के सामने घूम जाते हैं। इन दृश्यों की क्रमिक याद आने से कवि का दुख बढ़ जाता है।

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छाया मत छूना
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भाव स्पष्ट कीजिए -

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'बीती ताहि बिसार दे आगे की सुधि ले' यह भाव कविता की किस पंक्ति में झलकता है?


कविता में व्यक्त दुख के कारणों को स्पष्ट कीजिए।


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कवि ‘छाया’ छूने से क्यों मना करता है?


‘जितना ही दौड़ा तू उतना ही भरमाया’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?


‘हर चंद्रिका में छिपी एक रात कृष्णा है’ पंक्ति में कवि हमें किस यथार्थ एवं सत्य से अवगत कराना चाहता है?


कविता में यथार्थ स्वीकारने की बात क्यों कही गई है?


प्रभुता की कामना को मृगतृष्णा क्यों कहा गया है?


'छाया मत छूना’ कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?
अथवा
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