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प्रभुता की कामना को मृगतृष्णा क्यों कहा गया है?

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प्रश्न

प्रभुता की कामना को मृगतृष्णा क्यों कहा गया है?

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 30-40 शब्दों में लिखिए:

प्रभुता की कामना को मृगतृष्णा क्यों कहा गया? ‘छाया मत छूना’ कविता के आधार पर लिखिए।

लघु उत्तरीय
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उत्तर

प्रभुता की कामना को मृगतृष्णा इसलिए कहा गया है क्योंकि जिस तरह रेगिस्तान में भीषण गरमी में दूर चमकती रेत देखकर हिरन को पानी का भ्रम होता है, वह भागकर उसके पास जाता है, परंतु उसे निराश होना पड़ता है। उसी प्रकार प्रभुता या बड़प्पन का अहसास एक भ्रम है, जिसके पीछे व्यक्ति आजीवन भागता रहता है परंतु हासिल कुछ नहीं होता है।

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छाया मत छूना
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2019-2020 (March) Delhi set 2

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