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Question
नॉनस्टॉइकियोमीट्री क्यूप्रस ऑक्साइड, Cu2O प्रयोगशाला में बनाया जा सकता है। इसमें कॉपर तथा ऑक्सीजन का अनुपात 2 : 1 से कुछ कम है। क्या आप इस तथ्य की व्याख्या कर सकते हैं कि यह पदार्थ p- प्रकार का अर्द्धचालक है?
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Solution
Cu2O में Cu तथा O का 2 : 1 से कम अनुपात यह प्रदर्शित करता है कि इसमें धनायनिक रिक्ति के कारण धातु न्यूनता है। धातु न्यून यौगिक धनायन छिद्रों के द्वारा विद्युत चालन करते हैं। अतः p- प्रकार के अर्द्धचालक होते हैं।
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निम्नलिखित को p-प्रकार या n-प्रकार के अर्धचालकों में वर्गीकृत कीजिए –
ln से डोपित Ge
बैण्ड सिद्धान्त के आधार पर चालक एवं अर्धचालक में क्या अन्तर होता है?
निम्नलिखित में से कौन-सा ठोस विद्युत् का चालक नहीं है?
- Mg (s)
- TiO (s)
- I2 (s)
- H2O (s)
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अपमिश्रण से किस प्रकार का द्रोष उत्पन्न होता है?
सिलिकन में इलेक्टून धनी अशुद्धि को अपमिश्रित करने पर ______ बनता है।
सिलिकन के आदर्श क्रिस्टल चित्र में कुछ तत्व डोपित किए गए जैसा कि विकल्पों में दर्शाया गया है। इनमें से कौन-से विकल्प n -प्रकार के अर्धचालक दर्शाते है?

अर्धचालकों की चालकता ताप बढ़ाने के साथ-साथ क्यों बढ़ती जाती है?
अभिकथन - अर्धचालक, 10-6 से 104 ohm-1 m-1 मध्यवर्ती परास की चालकता युक्त ठोस होते हैं।
तर्क - अर्धचालकों की मध्यवर्ती चालकता आंशिक रूप से भरे संयोजकता बैंड के कारण होती है।




