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Question
गैलियम से डोपित (अपमिश्रित) करने पर जर्मेनियम क्रिस्टलों की चालकता क्यों बढ़ जाती है?
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Solution
'जर्मेनियम को गैलियम से डोपित (अपमिश्रित) करने पर गैलियम कुछ जालक स्थलों से जर्मेनियम को प्रतिस्थापित कर देता है। गैलियम में केवल तीन संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं। अत: 'निकटवर्ती जर्मेनियम परमाणु की चौथी संयोजकता संतुष्ट नहीं 'होती। यह स्थान रिक्त रह जाता है। इस स्थान पर इलेक्ट्रॉनों की कमी हो जाती है। अत: इसे इलेक्ट्रॉन छिद्र कहते हैं। निकटवर्ती परमाणु से इलेक्ट्रॉन आकर इस अन्तराल को भरते हैं फलत: मूल स्थिति में एक छिद्र उत्पनन हो जाता है। विद्युत् क्षेत्र के प्रभाव में इलेक्ट्रॉन इस छिद्र से होते हुए धन आवेशित प्लेट की ओर जाते हैं इसके कारण छिद्र इलेक्ट्रॉनों के गमन की विपरीत दिशा में गमन करते हुए प्रतीत होतें हैं।
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- इलेक्ट्रॉन तथा छिद्र तथा दोनों धनावेशित प्लेट की दिशा में गमन करते प्रतीत होते हैं।
- इलेक्ट्रॉनों के गमन तथा छिद्रों के गमन में कोई संबंध नहीं होता।
