Advertisements
Advertisements
प्रश्न
गैलियम से डोपित (अपमिश्रित) करने पर जर्मेनियम क्रिस्टलों की चालकता क्यों बढ़ जाती है?
Advertisements
उत्तर
'जर्मेनियम को गैलियम से डोपित (अपमिश्रित) करने पर गैलियम कुछ जालक स्थलों से जर्मेनियम को प्रतिस्थापित कर देता है। गैलियम में केवल तीन संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं। अत: 'निकटवर्ती जर्मेनियम परमाणु की चौथी संयोजकता संतुष्ट नहीं 'होती। यह स्थान रिक्त रह जाता है। इस स्थान पर इलेक्ट्रॉनों की कमी हो जाती है। अत: इसे इलेक्ट्रॉन छिद्र कहते हैं। निकटवर्ती परमाणु से इलेक्ट्रॉन आकर इस अन्तराल को भरते हैं फलत: मूल स्थिति में एक छिद्र उत्पनन हो जाता है। विद्युत् क्षेत्र के प्रभाव में इलेक्ट्रॉन इस छिद्र से होते हुए धन आवेशित प्लेट की ओर जाते हैं इसके कारण छिद्र इलेक्ट्रॉनों के गमन की विपरीत दिशा में गमन करते हुए प्रतीत होतें हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
वर्ग 14 के तत्त्व को n- प्रकार के अर्द्धचालक में उपयुक्त अशुद्धि द्वारा अपमिश्रित करके रूपान्तरित करना है। यह अशुद्धि किस वर्ग से सम्बन्धित होनी चाहिए?
अर्धचालक क्या होते हैं? दो मुख्य अर्धचालकों का वर्णन कीजिए एवं उनकी चालकता क्रियाविधि में विभेद कीजिए।
नॉनस्टॉइकियोमीट्री क्यूप्रस ऑक्साइड, Cu2O प्रयोगशाला में बनाया जा सकता है। इसमें कॉपर तथा ऑक्सीजन का अनुपात 2 : 1 से कुछ कम है। क्या आप इस तथ्य की व्याख्या कर सकते हैं कि यह पदार्थ p- प्रकार का अर्द्धचालक है?
निम्नलिखित में से कौन-सा ठोस विद्युत् का चालक नहीं है?
- Mg (s)
- TiO (s)
- I2 (s)
- H2O (s)
p -प्रकार के अर्धचालक द्वारा उपार्जत आवेश के बारे में निम्नलिखित में से क्या सही है?
सिलिकन से n -प्रकार का अर्धचालक प्राप्त करने के लिए, किस संयोजकता वाले पदार्थ को इसमें अपमिश्रित करना चाहिए?
विद्युत् क्षेत्र के प्रभाव में, p -प्रकार के अर्धचालक के लिए, इलेक्ट्रॉनों तथा छिद्रों के गमन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?
- इलेक्ट्रॉन, इलेक्ट्रॉन छिद्र में से होकर धनावेशित प्लेट की ओर गमन करता है।
- इलेक्टॉन छिद्र का गमन ऋणावेशित प्लेट की ओर प्रतीत होता है।
- इलेक्ट्रॉन तथा छिद्र तथा दोनों धनावेशित प्लेट की दिशा में गमन करते प्रतीत होते हैं।
- इलेक्ट्रॉनों के गमन तथा छिद्रों के गमन में कोई संबंध नहीं होता।
अर्धचालकों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं।
- इलेक्ट्रॉन धनी अशुद्धि से अपमिश्रित सिलिकन एक p -प्रकार का अर्धचालक होता है।
- इलेक्रॉन धनी अशुद्ध से अपमिश्रित सिलिकन n -प्रकार का अर्धचालक होता है।
- विस्थानीकृत इलेक्ट्रॉन अपमिश्रित सिलिकन की चालकता बढ़ाते हैं।
- लेक्ट्रॉन रिक्तिका n- प्रकार अर्धचालक की चालकता बढ़ाती है
सिलिकन के आदर्श क्रिस्टल चित्र में कुछ तत्व डोपित किए गए जैसा कि विकल्पों में दर्शाया गया है। इनमें से कौन-से विकल्प n -प्रकार के अर्धचालक दर्शाते है?

डोपिंग से अर्धचालकों की चालकता क्यों बढ़ जाती है?




