Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित में से कौन-सा ठोस विद्युत् का चालक नहीं है?
- Mg (s)
- TiO (s)
- I2 (s)
- H2O (s)
पर्याय
केवल Mg (s)
केवल TiO (s)
I2 (s) एवं H2O (s)
TiO (s), I2 (s) एवं H2O (s)
Advertisements
उत्तर
I2 (s) एवं H2O (s)
स्पष्टीकरण -
एक साथ लंदन बल या फैलाव बल द्वारा। यह विद्युत का नर्म तथा कुचालक है।
जल एक हाइड्रोजन बंधित आण्विक ठोस है जिसमें H और O ध्रुवीय सहसंयोजक बंधों द्वारा और प्रत्येक जल आण्विक हाइड्रोजन आबंध द्वारा एक साथ बंधे रहते हैं। अपनी गैर-आयनिक प्रकृति के कारण, वे विद्युत चालक नहीं हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
जिन आयनिक ठोसों में धातु आधिक्य दोष के कारण ऋणायनिक रिक्तिका होती हैं, वे रंगीन होते हैं। उपयुक्त उदाहरण की सहायता से समझाइए।
नॉनस्टॉइकियोमीट्री क्यूप्रस ऑक्साइड, Cu2O प्रयोगशाला में बनाया जा सकता है। इसमें कॉपर तथा ऑक्सीजन का अनुपात 2 : 1 से कुछ कम है। क्या आप इस तथ्य की व्याख्या कर सकते हैं कि यह पदार्थ p- प्रकार का अर्द्धचालक है?
बैण्ड सिद्धान्त के आधार पर चालक एवं अर्धचालक में क्या अन्तर होता है?
निम्नलिखित में से कौन-सा ऑक्साइड धातुओं के समान वैद्युतीय गुण प्रदर्शित करता है?
किसी शुद्ध क्रिस्टल में जालक स्थल ______ द्वारा अध्यासित नहीं हो सकता?
p -प्रकार के अर्धचालक द्वारा उपार्जत आवेश के बारे में निम्नलिखित में से क्या सही है?
सिलिकन में इलेक्टून धनी अशुद्धि को अपमिश्रित करने पर ______ बनता है।
विद्युत् क्षेत्र के प्रभाव में, p -प्रकार के अर्धचालक के लिए, इलेक्ट्रॉनों तथा छिद्रों के गमन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?
- इलेक्ट्रॉन, इलेक्ट्रॉन छिद्र में से होकर धनावेशित प्लेट की ओर गमन करता है।
- इलेक्टॉन छिद्र का गमन ऋणावेशित प्लेट की ओर प्रतीत होता है।
- इलेक्ट्रॉन तथा छिद्र तथा दोनों धनावेशित प्लेट की दिशा में गमन करते प्रतीत होते हैं।
- इलेक्ट्रॉनों के गमन तथा छिद्रों के गमन में कोई संबंध नहीं होता।
गैलियम से डोपित (अपमिश्रित) करने पर जर्मेनियम क्रिस्टलों की चालकता क्यों बढ़ जाती है?
अभिकथन - अर्धचालक, 10-6 से 104 ohm-1 m-1 मध्यवर्ती परास की चालकता युक्त ठोस होते हैं।
तर्क - अर्धचालकों की मध्यवर्ती चालकता आंशिक रूप से भरे संयोजकता बैंड के कारण होती है।
