English

निम्नलिखित में से कौन-सा ऑक्साइड धातुओं के समान वैद्युतीय गुण प्रदर्शित करता है? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

निम्नलिखित में से कौन-सा ऑक्साइड धातुओं के समान वैद्युतीय गुण प्रदर्शित करता है?

Options

  • SiO2 

  • MgO

  • SO(s)

  • CrO2

MCQ
Advertisements

Solution

CrO2

स्पष्टीकरण -

CrO2, TiO और ReO3 कुछ विशिष्ट धातु ऑक्साइड हैं जो धातु के समान विद्युत चालकता दिखाते हैं। जबकि SO2, MgO और SO2 धातु, अर्धधातु और अधातु के ऑक्साइड हैं जो विद्युत गुण नहीं दिखाते हैं।

shaalaa.com
विघुतीय गुण
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1: ठोस अवस्था - अभ्यास [Page 3]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 1 ठोस अवस्था
अभ्यास | Q I. 14. | Page 3

RELATED QUESTIONS

बैण्ड सिद्धान्त के आधार पर चालक एवं रोधी में क्या अन्तर होता है?


किसी शुद्ध क्रिस्टल में जालक स्थल ______ द्वारा अध्यासित नहीं हो सकता?


सिलिकन से n -प्रकार का अर्धचालक प्राप्त करने के लिए, किस संयोजकता वाले पदार्थ को इसमें अपमिश्रित करना चाहिए?


सिलिकन में इलेक्टून धनी अशुद्धि को अपमिश्रित करने पर ______ बनता है।


विद्युत् क्षेत्र के प्रभाव में, p -प्रकार के अर्धचालक के लिए, इलेक्ट्रॉनों तथा छिद्रों के गमन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

  1. इलेक्ट्रॉन, इलेक्ट्रॉन छिद्र में से होकर धनावेशित प्लेट की ओर गमन करता है।
  2. इलेक्टॉन छिद्र का गमन ऋणावेशित प्लेट की ओर प्रतीत होता है।
  3. इलेक्ट्रॉन तथा छिद्र तथा दोनों धनावेशित प्लेट की दिशा में गमन करते प्रतीत होते हैं।
  4. इलेक्ट्रॉनों के गमन तथा छिद्रों के गमन में कोई संबंध नहीं होता।

अर्धचालकों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं।

  1. इलेक्ट्रॉन धनी अशुद्धि से अपमिश्रित सिलिकन एक p -प्रकार का अर्धचालक होता है।
  2. इलेक्रॉन धनी अशुद्ध से अपमिश्रित सिलिकन n -प्रकार का अर्धचालक होता है।
  3. विस्थानीकृत इलेक्ट्रॉन अपमिश्रित सिलिकन की चालकता बढ़ाते हैं।
  4. लेक्ट्रॉन रिक्तिका n- प्रकार अर्धचालक की चालकता बढ़ाती है

अर्धचालकों की चालकता ताप बढ़ाने के साथ-साथ क्यों बढ़ती जाती है?


गैलियम से डोपित (अपमिश्रित) करने पर जर्मेनियम क्रिस्टलों की चालकता क्यों बढ़ जाती है?


अभिकथन - अर्धचालक, 10-6 से 104 ohm-1 m-1 मध्यवर्ती परास की चालकता युक्त ठोस होते हैं।

तर्क - अर्धचालकों की मध्यवर्ती चालकता आंशिक रूप से भरे संयोजकता बैंड के कारण होती है।


डोपिंग से अर्धचालकों की चालकता क्यों बढ़ जाती है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×