English

सिलिकन में इलेक्टून धनी अशुद्धि को अपमिश्रित करने पर ______ बनता है।

Advertisements
Advertisements

Question

सिलिकन में इलेक्टून धनी अशुद्धि को अपमिश्रित करने पर ______ बनता है।

Options

  • p -प्रकार का अध्चचालक

  • n-प्रकार का अध्चचालक

  • आतर-अध्चालक

  • कुचालक

MCQ
Fill in the Blanks
Advertisements

Solution

सिलिकन में इलेक्टून धनी अशुद्धि को अपमिश्रित करने पर n-प्रकार का अध्चचालक बनता है।

स्पष्टीकरण -

सिलिकॉन में चार वैलेंस इलेक्ट्रॉन होते हैं। यदि इसे एक इलेक्ट्रॉन समृद्ध अशुद्धता के साथ डोप किया जाता है, तो अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन स्थानीयकृत हो जाता है और चालकता को बढ़ाता है। चूँकि चालकता में वृद्धि ऋणावेशित इलेक्ट्रॉन के कारण होती है, इसलिए इसे n-प्रकार का अर्धचालक कहा जाता है।

shaalaa.com
विघुतीय गुण
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1: ठोस अवस्था - अभ्यास [Page 6]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
Chapter 1 ठोस अवस्था
अभ्यास | Q I. 29. | Page 6

RELATED QUESTIONS

जिन आयनिक ठोसों में धातु आधिक्य दोष के कारण ऋणायनिक रिक्तिका होती हैं, वे रंगीन होते हैं। उपयुक्त उदाहरण की सहायता से समझाइए।


वर्ग 14 के तत्त्व को n- प्रकार के अर्द्धचालक में उपयुक्त अशुद्धि द्वारा अपमिश्रित करके रूपान्तरित करना है। यह अशुद्धि किस वर्ग से सम्बन्धित होनी चाहिए?


निम्नलिखित को p-प्रकार या n-प्रकार के अर्धचालकों में वर्गीकृत कीजिए –

ln से डोपित Ge


बैण्ड सिद्धान्त के आधार पर चालक एवं अर्धचालक में क्या अन्तर होता है?


निम्नलिखित में से कौन-सा ऑक्साइड धातुओं के समान वैद्युतीय गुण प्रदर्शित करता है?


p -प्रकार के अर्धचालक द्वारा उपार्जत आवेश के बारे में निम्नलिखित में से क्या सही है?


अपमिश्रण से किस प्रकार का द्रोष उत्पन्न होता है?


सिलिकन के आदर्श क्रिस्टल चित्र में कुछ तत्व डोपित किए गए जैसा कि विकल्पों में दर्शाया गया है। इनमें से कौन-से विकल्प n -प्रकार के अर्धचालक दर्शाते है?






गैलियम से डोपित (अपमिश्रित) करने पर जर्मेनियम क्रिस्टलों की चालकता क्यों बढ़ जाती है?


डोपिंग से अर्धचालकों की चालकता क्यों बढ़ जाती है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×