English

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए − फिर भी जैसे मौत और विपत्ति के बीच भी आदमी मोह और माया के बंधन में जकड़ा रहता है, मैं फटकार और घुडकियाँ खाकर भी खेल-कूद का तिरस्कार न कर सकता था।

Advertisements
Advertisements

Question

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 

फिर भी जैसे मौत और विपत्ति के बीच भी आदमी मोह और माया के बंधन में जकड़ा रहता है, मैं फटकार और घुडकियाँ खाकर भी खेल-कूद का तिरस्कार न कर सकता था।

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

लेखक हर समय अपने खेलकूद, सैरसपाटे में मस्त रहता और बड़े भाई से डाँट खाता था परन्तु फिर भी खेलकूद नहीं छोड़ता था। जैसे संकटों में फँसकर भी मनुष्य अपनी मोहमाया नहीं छोड़ता है उसी प्रकार छोटा भाई खेलकूद को नहीं छोड़ता था।

shaalaa.com
बड़े भाई साहब
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 2.1: बड़े भाई साहब - लिखित (ग) [Page 64]

APPEARS IN

NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
Chapter 2.1 बड़े भाई साहब
लिखित (ग) | Q 2 | Page 64

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए -

बड़े भाई साहब दिमाग को आराम देने के लिए क्या करते थे?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -

बड़े भाई साहब छोटे भाई को क्या सलाह देते थे और क्यों?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -

छोटे भाई ने बड़े भाई साहब के नरम व्यवहार का क्या फ़ायदा उठाया?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -

बड़े भाई की डाँट-फटकार अगर न मिलती, तो क्या छोटा भाई कक्षा में अव्वल आता? अपने विचार प्रकट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -

बड़े भाई की स्वभावगत विशेषताएँ बताइए?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए:

बड़े भाई साहब ने जिंदगी के अनुभव और किताबी ज्ञान में से किसे और क्यों महत्वपूर्ण कहा है?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -

बताइए पाठ के किन अंशों से पता चलता है कि −

भाई साहब को ज़िंदगी का अच्छा अनुभव है।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 

आँखे आसमान की ओर थीं और मन उस आकाशगामी पथिक की ओर, जो मंद गति से झूमता पतन की ओर चला आ रहा था, मानो कोई आत्मा स्वर्ग से निकलकर विरक्त मन से नए संस्कार ग्रहण करने जा रही हो।


प्रेमचंद की कहानियाँ मानसरोवर के आठ भागों में संकलित हैं। इनमें से कहानियाँ पढ़िए और कक्षा में सुनाइए। कुछ कहानियों का मंचन भी कीजिए।


आपकी छोटी बहिन/छोटा भाई छात्रावास में रहती/रहता है। उसकी पढ़ाई-लिखाई के संबंध में उसे एक पत्र लिखिए।


बड़े भाई महत्त्व की विधियाँ देखकर लेखक किस पहेली का हल नहीं निकाल सका और क्यों?


शिक्षा जैसे महत्त्वपूण मसले पर बड़े भाई साहब के विचारों को स्पष्ट कीजिए।


खेल में लौटे १ई साब लेखक का साइत किस तरह करते थे?


‘मुझे देखकर भी सबक नहीं लेते’-ऐसा कहकर भाई साहब लेखक को क्या बताना चाहते थे?


लेखक अपने ही बनाए टाइम-टेबिल पर अमल क्यों नहीं कर पाता था?


बड़े भाई साहब ने लेखक का घमंड दूर करने के लिए क्या उपाय अपनाया?


भाई साहब के फेल होने और खुद के अव्वल आने पर लेखक के मन में क्या-क्या विचार आए?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

परिवार के अनुभवी जनों द्वारा दी गई सीख भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होती है। आपके द्वारा स्पर्श पाठ्यपुस्तक में पढ़े गए पाठ के माध्यम से भी है यह ज्ञात होता है। कहानी के पात्रों के माध्यम से कथन को सिद्ध कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×