Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −
फिर भी जैसे मौत और विपत्ति के बीच भी आदमी मोह और माया के बंधन में जकड़ा रहता है, मैं फटकार और घुडकियाँ खाकर भी खेल-कूद का तिरस्कार न कर सकता था।
Advertisements
Solution
लेखक हर समय अपने खेलकूद, सैरसपाटे में मस्त रहता और बड़े भाई से डाँट खाता था परन्तु फिर भी खेलकूद नहीं छोड़ता था। जैसे संकटों में फँसकर भी मनुष्य अपनी मोहमाया नहीं छोड़ता है उसी प्रकार छोटा भाई खेलकूद को नहीं छोड़ता था।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए -
दूसरी बार पास होने पर छोटे भाई के व्यवहार में क्या परिवर्तन आया?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए -
बड़े भाई साहब दिमाग को आराम देने के लिए क्या करते थे?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
एक दिन जब गुल्ली-डंडा खेलने के बाद छोटे भाई बड़े भाई साहब के सामने पहुँचा तो उनकी क्या प्रतिक्रिया हुई?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -
बड़े भाई की डाँट-फटकार अगर न मिलती, तो क्या छोटा भाई कक्षा में अव्वल आता? अपने विचार प्रकट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -
बताइए पाठ के किन अंशों से पता चलता है कि −
भाई साहब के भीतर भी एक बच्चा है।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -
बताइए पाठ के किन अंशों से पता चलता है कि −
भाई साहब छोटे भाई का भला चाहते हैं।
निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −
इम्तिहान पास कर लेना कोई चीज़ नहीं, असल चीज़ है बुद्धि का विकास।
प्रेमचंद की कहानियाँ मानसरोवर के आठ भागों में संकलित हैं। इनमें से कहानियाँ पढ़िए और कक्षा में सुनाइए। कुछ कहानियों का मंचन भी कीजिए।
कहानी में जिंदगी से प्राप्त अनुभवों को किताबी ज्ञान से ज्यादा महत्त्वपूर्ण बताया गया है। अपने माता-पिता बड़े भाई-बहिनों या अन्य बुजुर्ग/बड़े सदस्यों से उनके जीवन के बारे में बातचीत कीजिए और पता लगाइए कि बेहतर ढंग से जिंदगी जीने के लिए क्या काम आया-समझदारी/पुराने अनुभव या किताबी पढ़ाई?
लेखक अपने बड़े भाई के हुक को कानून समझने में शालीनता समझता था, ऐसा क्यों? स्पष्ट कीजिए।
शिक्षा जैसे महत्त्वपूण मसले पर बड़े भाई साहब के विचारों को स्पष्ट कीजिए।
खेल में लौटे १ई साब लेखक का साइत किस तरह करते थे?
परीक्षकों के संबंध में भाई साहब के विचार कैसे थे? स्पष्ट कीजिए।
फेल होने पर भी भाई साहब किस आधार पर अपना बड़प्पन बनाए हुए थे?
भाई साहब ने अपने दरजे की पढ़ाई का जो चित्र खींचा था उसका लेखक पर क्या प्रभाव पड़ा?
भाई साहब भले ही फेल होकर एक कक्षा में दो-तीन साल लगाते थे पर उनकी सहज बुधि बड़ी तेज़ थी। स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
परिवार के अनुभवी जनों द्वारा दी गई सीख भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होती है। आपके द्वारा स्पर्श पाठ्यपुस्तक में पढ़े गए पाठ के माध्यम से भी है यह ज्ञात होता है। कहानी के पात्रों के माध्यम से कथन को सिद्ध कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'बड़े भाई साहब' पाठ के संदर्भ में लिखिए कि तात्कालिक शिक्षा व्यवस्था में बड़े भाई साहब को क्या-क्या कमियाँ दिखाई देती थीं?
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए:
| सालाना इम्तिहान हुआ। भाई साहब फ़ेल हो गए, मैं पास हो गया और दरजे में प्रथम आया। मेरे और उनके बीच में केवल दो साल का अंतर रह गया। जी में आया, भाई साहब को आड़े हाथों लूँ - “आपकी वह घोर तपस्या कहाँ गई ?' मुझे देखिए, मज़े से खेलता भी रहा और दरजे में अव्वल भी हूँ।' लेकिन वह इतने दुखी और उदास थे कि मुझे उनसे दिली हमदर्दी हुई और उनके घाव पर नमक छिड़कने का विचार ही लज्जास्पद जान पड़ा। हाँ, अब मुझे अपने ऊपर कुछ अभिमान हुआ और आत्मसम्मान भी बढ़ा । भाई साहब का वह रौब मुझ पर न रहा। आज़ादी से खेलकूद में शरीक होने लगा। दिल मज़बूत था। अगर उन्होंने फिर मेरी फ़जीहत की, तो साफ़ कह दूँगा - 'आपने अपना खून जलाकर कौन - सा तीर मार लिया। मैं तो खेलते - कूदते दरजे में अव्वल आ गया।' ज़बान से यह हेकड़ी जताने का साहस न होने पर भी मेरे रंग - ढंग से साफ़ ज़ाहिर होता था कि भाई साहब का वह आतंक मुझ पर नहीं था। भाई साहब ने इसे भाँप लिया - उनकी सहज बुद्ध बड़ी तीव्र थी और एक दिन जब मैं भोर का सारा समय गुल्ली - डंडे की भेंट करके ठीक भोजन के समय लौटा, तो भाई साहब ने मानो तलवार खींच ली। |
- कक्षा में प्रथम आने पर छोटे भाई के व्यवहार में बड़े भाई साहब के प्रति झलकने लगा: [1]
- प्रसन्नता
- अहंकार
- स्वाभिमान
- गर्व
- छोटा भाई बड़े भाई साहब को आड़े हाथों लेना चाहता था परंतु ऐसा कर नहीं पाया, क्यों? [1]
- उनकी डाँट-डपट का डर था
- उसकी हिम्मत नहीं पड़ी
- लोक-लाज का डर था
- उनसे हमदर्दी हो आई
- छोटे भाई के अव्वल आने पर भाई साहब के व्यवहार में क्या अंतर आया? [1]
- वे और अधिक ध्यानपूर्वक पढ़ने लगे
- उनके रौब में थोड़ी नरमी आ गई
- वे भी खेल - कूद में भाग लेने लगे
- अपनी पीड़ा भूलकर बेहद प्रसन्न हो गए
- निम्नलिखित कथन तथा कारण को पढ़कर दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए: [1]
कथन: भाई साहब गुस्सा हो गए और उन्होंने तलवार खींच ली।
कारण: छोटा भाई सुबह से शाम तक गुल्ली-डंडा खेलकर लौटा था।
विकल्प:
- कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- कथन सही है लेकिन कारण उसकी गलत व्याख्या करता है।
- कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।
- कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
-
कौन-सा/से वाक्य गद्यांश से मेल खाते हैं? [1]
- वार्षिक परीक्षा में हर बार की तरह छोटा भाई भी अच्छे अंकों से पास हो गया।
- भाई साहब दुखी और उदास हो गए थे।
- छोटे भाई ने अपने हाव-भाव से दर्शा दिया कि उन दोनों में कोई बराबरी नहीं है।
- अब बड़े भाई साहब ने छोटे भाई को कुछ भी कहना पूरी तरह से छोड़ दिया था।
विकल्प:- I, II
- केवल III
- II, III
- III. IV
