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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए − इम्तिहान पास कर लेना कोई चीज़ नहीं, असल चीज़ है बुद्धि का विकास।

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Question

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 

इम्तिहान पास कर लेना कोई चीज़ नहीं, असल चीज़ है बुद्धि का विकास।

One Line Answer
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Solution

बड़े भाई साहब इम्तिहान पास होने को बहुत महत्व नहीं देते थे। वे कहते थे कि किताबे रट के पास हो सकते हैं परन्तु जीवन के अनुभवों और बुद्धि के विकास से इंसान बुद्धिमान बनता है।

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बड़े भाई साहब
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Chapter 2.1: बड़े भाई साहब - लिखित (ग) [Page 64]

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NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
Chapter 2.1 बड़े भाई साहब
लिखित (ग) | Q 1 | Page 64

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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए -

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बताइए पाठ के किन अंशों से पता चलता है कि −

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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -

बताइए पाठ के किन अंशों से पता चलता है कि −

भाई साहब को ज़िंदगी का अच्छा अनुभव है।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -

बताइए पाठ के किन अंशों से पता चलता है कि −

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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 

बुनियाद ही पुख्ता न हो तो मकान कैसे पायेदार बने?


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 

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शिक्षा रटंत विद्या नहीं है-इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।


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बड़े भाई साहब ने लेखक का घमंड दूर करने के लिए क्या उपाय अपनाया?


भाई साहब भी कनकौए उड़ाना चाहते थे पर किस भावना के कारण वे चाहकर भी ऐसा नहीं कर पा रहे थे?


भाई साहब के फेल होने और खुद के अव्वल आने पर लेखक के मन में क्या-क्या विचार आए?


भाई साहब भले ही फेल होकर एक कक्षा में दो-तीन साल लगाते थे पर उनकी सहज बुधि बड़ी तेज़ थी। स्पष्ट कीजिए।


बड़े भाई साहब ने तत्कालीन शिक्षा प्रणाली की जिन कमियों की ओर संकेत करते हुए अपने फेल होने के लिए उसे उत्तरदायी ठहराने की कोशिश की है, उससे आप कितना सहमत हैं? अपने विचार लिखिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'बड़े भाई साहब' कहानी में आपने पढ़ा कि छोटा भाई कक्षा में अव्वल दर्ज़े से पास हो रहा था और बड़े भाई साहब असफ़ल, फिर भी वह बड़े भाई की नज़रों से बचकर अपने खेल संबंधी शौक पूरे करता था। इसके पीछे क्या कारण रहे होंगे?


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