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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए − इम्तिहान पास कर लेना कोई चीज़ नहीं, असल चीज़ है बुद्धि का विकास।

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Question

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −

इम्तिहान पास कर लेना कोई चीज़ नहीं, असल चीज़ है बुद्धि का विकास।

One Line Answer
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Solution

बड़े भाई साहब इम्तिहान पास होने को बहुत महत्व नहीं देते थे। वे कहते थे कि किताबे रट के पास हो सकते हैं परन्तु जीवन के अनुभवों और बुद्धि के विकास से इंसान बुद्धिमान बनता है।

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बड़े भाई साहब
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Chapter 2.1: बड़े भाई साहब - प्रश्न-अभ्यास [Page 54]

APPEARS IN

NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
Chapter 2.1 बड़े भाई साहब
प्रश्न-अभ्यास | Q (ग) 1. | Page 54

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए -

दूसरी बार पास होने पर छोटे भाई के व्यवहार में क्या परिवर्तन आया?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए -

बड़े भाई साहब छोटे भाई से उम्र में कितने बड़े थे और वे कौन-सी कक्षा में पढ़ते थे?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -

छोटे भाई ने अपनी पढ़ाई का टाइम-टेबिल बनाते समय क्या-क्या सोचा और फिर उसका पालन क्यों नहीं कर पाया?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -

बड़े भाई साहब को अपने मन की इच्छाएँ क्यों दबानी पड़ती थीं?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -

बड़े भाई साहब छोटे भाई को क्या सलाह देते थे और क्यों?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

इस पाठ में लेखक ने समूची शिक्षा के किन तौर-तरीकों पर व्यंग्य किया है? क्या आप उनके विचार से सहमत हैं?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -

छोटे भाई के मन में बड़े भाई साहब के प्रति श्रद्धा क्यों उत्पन्न हुई?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -

बताइए पाठ के किन अंशों से पता चलता है कि −

भाई साहब के भीतर भी एक बच्चा है।


आपकी छोटी बहिन/छोटा भाई छात्रावास में रहती/रहता है। उसकी पढ़ाई-लिखाई के संबंध में उसे एक पत्र लिखिए।


‘मुझे देखकर भी सबक नहीं लेते’-ऐसा कहकर भाई साहब लेखक को क्या बताना चाहते थे?


डाँट-फटकार लगाते भाई साहब लेखक को क्या-क्या सलाह दे डालते थे? उनके ऐसे व्यवहार को आप कितना उचित समझते हैं?


लेखक अपने ही बनाए टाइम-टेबिल पर अमल क्यों नहीं कर पाता था?


भाई साहब भी कनकौए उड़ाना चाहते थे पर किस भावना के कारण वे चाहकर भी ऐसा नहीं कर पा रहे थे?


भाई साहब भले ही फेल होकर एक कक्षा में दो-तीन साल लगाते थे पर उनकी सहज बुधि बड़ी तेज़ थी। स्पष्ट कीजिए।


बड़े भाई साहब ने तत्कालीन शिक्षा प्रणाली की जिन कमियों की ओर संकेत करते हुए अपने फेल होने के लिए उसे उत्तरदायी ठहराने की कोशिश की है, उससे आप कितना सहमत हैं? अपने विचार लिखिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

परिवार के अनुभवी जनों द्वारा दी गई सीख भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होती है। आपके द्वारा स्पर्श पाठ्यपुस्तक में पढ़े गए पाठ के माध्यम से भी है यह ज्ञात होता है। कहानी के पात्रों के माध्यम से कथन को सिद्ध कीजिए।


गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -

‘बड़े भाई साहब’ कहानी का बड़ा भाई शिक्षा को ‘रटंत ज्ञान’ और ‘बे-सिर-पैर की बातें’ मानता है जिनका व्यावहारिक जीवन में कोई अर्थ नहीं, इस संदर्भ में आपके क्या विचार हैं? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।

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