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Question
परीक्षकों के संबंध में भाई साहब के विचार कैसे थे? स्पष्ट कीजिए।
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Solution
परीक्षकों के संबंध में भाई साहब के विचार बहुत अच्छे नहीं थे। भाई साहब का कहना था कि परीक्षक इतने निर्दयी होते थे कि जामेट्री में अ ज ब लिखने की जगह अ ब ज लिखते ही अंक काटकर छात्रों का खून कर देते थे, वह भी इतनी सी व्यर्थ की बात के लिए। इन परीक्षकों को छात्रों पर दया नहीं आती थी।
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- केवल परीक्षा से पहले ध्यान लगाकर पढ़ लेने से प्रथम आ सकते हैं।
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गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -
| ‘बड़े भाई साहब’ कहानी का बड़ा भाई शिक्षा को ‘रटंत ज्ञान’ और ‘बे-सिर-पैर की बातें’ मानता है जिनका व्यावहारिक जीवन में कोई अर्थ नहीं, इस संदर्भ में आपके क्या विचार हैं? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए। |
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'बड़े भाई साहब' कहानी में आपने पढ़ा कि छोटा भाई कक्षा में अव्वल दर्ज़े से पास हो रहा था और बड़े भाई साहब असफ़ल, फिर भी वह बड़े भाई की नज़रों से बचकर अपने खेल संबंधी शौक पूरे करता था। इसके पीछे क्या कारण रहे होंगे?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -
छोटे भाई के कक्षा में अव्वल आने पर भी बड़े भाई साहब द्वारा उसके तिरस्कार के क्या कारण थे? 'बड़े भाई साहब' पाठ के आधार पर लिखिए।
