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लेखक को अपने वार्ड के रौद्र रूप के दर्शन क्यों हो जाया करते थे?

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Question

लेखक को अपने वार्ड के रौद्र रूप के दर्शन क्यों हो जाया करते थे?

Short/Brief Note
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Solution

लेखक का मन पढ़ाई के बजाए खेलकूद में अधिक लगता था। वह घंटा भर भी पढ़ाई के लिए न बैठता और मौका पाते ही होस्टल से निकलकर मैदान में आ जाता। वह तरह-तरह के खेल खेलते हुए, दोस्तों के साथ बातें करते हुए समय। बिताया करता था। उसका ऐसा करना और पढ़ाई से दूरी भाई साहब को पसंद न था। वह जब भी खेलकर घर आता, तब उसे उनके रौद्र रूप के दर्शन हो जाया करते थे।

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बड़े भाई साहब
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Chapter 2.1: बड़े भाई साहब - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
Chapter 2.1 बड़े भाई साहब
अतिरिक्त प्रश्न | Q 4

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