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Question
फेल होने पर भी भाई साहब किस आधार पर अपना बड़प्पन बनाए हुए थे?
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Solution
वार्षिक परीक्षा में फेल होने के कारणों में भाई साहब परीक्षकों का दृष्टिकोण, विषयों की कठिनता और अपनी कक्षा की पढ़ाई की कठिनता का हवाला देकर लेखक को कह रहे थे कि लाख फेल हो गया हूँ, लेकिन तुमसे बड़ा हूँ, संसार का मुझे तुमसे ज्यादा अनुभव है। वे उम्र में बड़े और अधिक अनुभवी होने के आधार पर अपना बड़प्पन बनाए रखना चाहते
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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए -
बड़े भाई साहब छोटे भाई से हर समय पहला सवाल क्या पूछते थे?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
छोटे भाई ने अपनी पढ़ाई का टाइम-टेबिल बनाते समय क्या-क्या सोचा और फिर उसका पालन क्यों नहीं कर पाया?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -
बड़े भाई की डाँट-फटकार अगर न मिलती, तो क्या छोटा भाई कक्षा में अव्वल आता? अपने विचार प्रकट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
इस पाठ में लेखक ने समूची शिक्षा के किन तौर-तरीकों पर व्यंग्य किया है? क्या आप उनके विचार से सहमत हैं?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -
बड़े भाई की स्वभावगत विशेषताएँ बताइए?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए:
बड़े भाई साहब ने जिंदगी के अनुभव और किताबी ज्ञान में से किसे और क्यों महत्वपूर्ण कहा है?
निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −
फिर भी जैसे मौत और विपत्ति के बीच भी आदमी मोह और माया के बंधन में जकड़ा रहता है, मैं फटकार और घुड़कियाँ खाकर भी खेल-कूद का तिरस्कार न कर सकता था।
निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −
बुनियाद ही पुख्ता न हो तो मकान कैसे पायेदार बने?
क्या पढ़ाई और खेलकूद साथ-साथ चल सकते हैं-कक्षा में इस पर वाद-विवाद कार्यक्रम आयोजित कीजिए।
आपकी छोटी बहिन/छोटा भाई छात्रावास में रहती/रहता है। उसकी पढ़ाई-लिखाई के संबंध में उसे एक पत्र लिखिए।
बड़े भाई महत्त्व की विधियाँ देखकर लेखक किस पहेली का हल नहीं निकाल सका और क्यों?
लेखक को अपने वार्ड के रौद्र रूप के दर्शन क्यों हो जाया करते थे?
अंग्रेजी विषय के बारे में भाई व लेखक को क्या बताते थे? ऐसा कहने के पीछे भाई साहब का उद्देश्य क्या था
‘मुझे देखकर भी सबक नहीं लेते’-ऐसा कहकर भाई साहब लेखक को क्या बताना चाहते थे?
लेखक अपने ही बनाए टाइम-टेबिल पर अमल क्यों नहीं कर पाता था?
भाई साहब भले ही फेल होकर एक कक्षा में दो-तीन साल लगाते थे पर उनकी सहज बुधि बड़ी तेज़ थी। स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित में से कौन-से वाक्य 'बड़े भाई साहब' कहानी से प्राप्त प्रेरणा को दर्शाते हैं -
- कथनी और करनी का अंतर हमारी स्थिति को हास्यास्पद बना सकता है।
- पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद भी छात्र जीवन के आवश्यक अंग हैं।
- केवल परीक्षा से पहले ध्यान लगाकर पढ़ लेने से प्रथम आ सकते हैं।
- बड़े भाई साहब ज्ञान की बातें लेखक को आसानी से समझा देते हैं।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -
छोटे भाई के कक्षा में अव्वल आने पर भी बड़े भाई साहब द्वारा उसके तिरस्कार के क्या कारण थे? 'बड़े भाई साहब' पाठ के आधार पर लिखिए।
