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Question
मैंने समझा मेरा विद्रोह पाठ से
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Solution
माता-पिता हमारा भला ही सोचते हैं। वे हमें अच्छी शिक्षा देकर हमारा भविष्य उज्ज्वल करने में अपना हर संभव प्रयास करते हैं। हमारी बुरी आदतों को खत्म करने के लिए वे हमसे सख्ती से पेश आते हैं, परंतु भीतर से वे हमसे बहुत प्रेम करते हैं। अत: हमें अपने पिता द्वारा लगाई गई रोक-टोक को गलत न समझकर उनकी आज्ञा का पालन करना चाहिए और सदैव उनका सम्मान करना चाहिए।
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‘कर्म ही पूजा है’, विषय पर अपने विचार सौ शब्दों में लिखो।
अपने विद्यालय में आयोजित ‘स्वच्छता अभियान’ का वृत्तांत लिखो। वृत्तांत में स्थल, काल, घटना का उल्लेख आवश्यक है।

संदर्भ स्रोतों द्वारा निम्न रोगों से बचने के लिए दिए जाने वाले टीकों की जानकारी सुनो और संकलित करो :
| रोग | टीका | रोग | टीका |
| तपेदिक(टीबी) | बी.सी.जी | टायफॉइड (मोतीझरा) | ______ |
| डिप्थीरिया | ______ | रुबेला | ______ |
| खसरा | ______ | हैपेटाइटिस ए | ______ |
| रोटावायरस | ______ | टिटनस | ______ |
पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होळकर के कार्य पढ़ो और प्रमुख मुद्दे बताओ।
यदि तुम पशु-पक्षियों की बोलियाँ समझ पाते तो .....
निम्नलिखित शब्दों में कौन-से पंचमाक्षर छिपे हुए हैं, साेचो और लिखो:
| शब्द | पंचमाक्षर | उसी वर्ग के अन्य शब्द |
| पंकज | ______ | ______ |
| चंचल | ______ | ______ |
| ठंडा | ______ | ______ |
| संत | ______ | ______ |
| पेरांबूर | ______ | ______ |
| पंछी | ______ | ______ |
| बंदरगाह | ______ | ______ |
| उमंग | ______ | ______ |
अंकुरित अनाजों की सूची बनाओ और उपयोग लिखो।
अपने साथ घटित कोई मजेदार घटना बताओ।
प्राणियों का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है।
ऐतिहासिक वास्तुओं का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है।
मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:

एक महीने की दिनदर्शिका बनाओ और विशेष दिन बताओ।
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
आसमान में उड़ती पतंगें। देश को आजाद हुए 75 वर्ष हो गए। एक लंबा समय और हम अभी भी .........
निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:
| “कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए ‘असंभव’, ‘गंदा’ या ‘नीचा’ शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।” ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।” मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और ‘निर्मल हृदय’ जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं। |
आपके विद्यालय की सैर का वर्णन करने वाला पत्र अपनी सहेली/अपने मित्र को लिखिए: (पत्र निम्न प्रारूप में हो।)

निम्नलिखित वाक्य से अंत करते हुए एक कहानी लिखिए:
'.....और मैं चाह कर भी उस कारुणिक दृश्य को भुला नहीं पाया, पायी'।
