English

क्या भेड़-बकरियों को अपने शरीर के बाल की ज़रूरत नहीं होती, चर्चा करो।

Advertisements
Advertisements

Question

क्या भेड़-बकरियों को अपने शरीर के बाल की ज़रूरत नहीं होती, चर्चा करो।

One Line Answer
Advertisements

Solution

ठंडे क्षेत्रों में रहने वाले बकरियों और भेड़ों को अपने शरीर को गर्म रखने के लिए अपने स्वयं के फर और ऊन की आवश्यकता होती है।

shaalaa.com
बसेरा ऊँचाई पर
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 13: बसेरा ऊँचाई पर - चांगपा [Page 127]

APPEARS IN

NCERT Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 5
Chapter 13 बसेरा ऊँचाई पर
चांगपा | Q 3 | Page 127

RELATED QUESTIONS

गौरव जानी मुंबई से दिल्ली तक के रास्ते में जिन राज्यों से गुजरे उनकी राजधानियों के नाम पता करो। क्या और भी कोई बड़ा शहर रास्ते में आया होगा? 


क्या तुम कभी टेंट में रहे हो? कहाँ? कैसा अनुभव था?


तुम जिस इलाके में रहते हो वह कितनी उँचाई पर है?


वह कितनी उँचाई पर था? क्या वहाँ साँस लेने में तुम्हें भी परेशानी आई?


चांगपा लोगों की ज़िंदगी पूरी तरह से इन जानवरों से जुड़ी है। क्या कोई जानवर तुम्हारी ज़िंदगी का हिस्सा हैं? जैसे - तुम्हारा कोई पालतू जानवर या खेती में इस्तेमाल किए गए जानवर, इत्यादि।


ऐसे पाँच उदाहरण सोचो और लिखो कि जानवर तुम्हारी जिंदगी से कैसे जुड़े हैं।


क्या तुम्हारे इलाके में भी अलग-अलग तरह के घर हैं? अगर हाँ, तो इसके कारण सोचो।


इस चित्र को देखो। क्या इसमें कुछ घर पहचान पा रहे हो? ये लकड़ी और मिट्टी के घर हैं जिनमें सर्दियों में कोई नहीं रहता। गर्मियों में बकरवाल लोग यहाँ रहने आते हैं जब वे बकरियों को चराने के लिए पहाड़ों की उँचाइयों पर ले जाते हैं।

 


अंदाज़ा लगाओ कि बकरवाल और चांगपा लोगों की जिंदगी में कौन-सी बातें मिलती-जुलती हो सकती हैं? और क्या फ़र्क है?


तुमने जम्मू-कश्मीर के तरह-तरह के बसेरों के बारे में पढ़ा - कुछ ऊँचे पहाड़ पर, कुछ पानी में, कुछ जिनमें लकड़ी और पत्थर पर सुंदर डिज़ाइन हैं, कुछ जिन्हें बाँधकर किसी और जगह भी ले जाया जा सकता है। बताओ, यह बसेरे वहाँ के लोगों की ज़रूरत के हिसाब से कैसे बने हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×