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तुमने जम्मू-कश्मीर के तरह-तरह के बसेरों के बारे में पढ़ा - कुछ ऊँचे पहाड़ पर, कुछ पानी में, कुछ जिनमें लकड़ी और पत्थर पर सुंदर डिज़ाइन हैं, कुछ जिन्हें बाँधकर किसी और जगह भी ले जाया जा सकता है

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Question

तुमने जम्मू-कश्मीर के तरह-तरह के बसेरों के बारे में पढ़ा - कुछ ऊँचे पहाड़ पर, कुछ पानी में, कुछ जिनमें लकड़ी और पत्थर पर सुंदर डिज़ाइन हैं, कुछ जिन्हें बाँधकर किसी और जगह भी ले जाया जा सकता है। बताओ, यह बसेरे वहाँ के लोगों की ज़रूरत के हिसाब से कैसे बने हैं?

Short/Brief Note
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Solution

मैंने जम्मू कश्मीर के अलग-अलग तरह के घरों के बारे में पढ़ा। सभी तरह के घर वहाँ के निवासियों की जरूरत के अनुरूप बने हैं। नाव पर बने घर में सभी सुविधाएँ रहती हैं जो कि वहाँ आने वाले लोगों की जरूरतों को पूरा करते हैं। पत्थर तथा लकड़ियों से बने घर उसमें रहने वाले लोगों की ठंढ़ से रक्षा करते हैं। चांगपा लोगों द्वारा बनाये गये टेंट जैसे घर उनकी घुमक्कड़ जिंदगी के लिए उपयुक्त हैं।

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बसेरा ऊँचाई पर
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Chapter 13: बसेरा ऊँचाई पर - हम क्या समझे [Page 130]

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NCERT Paryavaran Adhyyan Aas-Paas [Hindi] Class 5
Chapter 13 बसेरा ऊँचाई पर
हम क्या समझे | Q 1 | Page 130

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नक्शे में देखकर बताओ कि मुंबई से कश्मीर जाने के रास्ते में कौन-कौन से राज्य आएँगे?


क्या तुम कभी टेंट में रहे हो? कहाँ? कैसा अनुभव था?


तुमने किस-किस तरह के घर देखे हैं? उनके बारे में बताओ। चित्र भी बनाओ।


तुम्हारे घर की छत कैसी है? तुम्हारे यहाँ छत किन-किन कामों के लिए इस्तेमाल होती है?


तुम कभी पहाड़ी इलाके में गए हो? कहाँ?


वह कितनी उँचाई पर था? क्या वहाँ साँस लेने में तुम्हें भी परेशानी आई?


चांगपा लोगों की ज़िंदगी पूरी तरह से इन जानवरों से जुड़ी है। क्या कोई जानवर तुम्हारी ज़िंदगी का हिस्सा हैं? जैसे - तुम्हारा कोई पालतू जानवर या खेती में इस्तेमाल किए गए जानवर, इत्यादि।


ऐसे पाँच उदाहरण सोचो और लिखो कि जानवर तुम्हारी जिंदगी से कैसे जुड़े हैं।


क्या भेड़-बकरियों को अपने शरीर के बाल की ज़रूरत नहीं होती, चर्चा करो।


इस चित्र को देखो। क्या इसमें कुछ घर पहचान पा रहे हो? ये लकड़ी और मिट्टी के घर हैं जिनमें सर्दियों में कोई नहीं रहता। गर्मियों में बकरवाल लोग यहाँ रहने आते हैं जब वे बकरियों को चराने के लिए पहाड़ों की उँचाइयों पर ले जाते हैं।

 


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