Advertisements
Advertisements
प्रश्न
तुमने जम्मू-कश्मीर के तरह-तरह के बसेरों के बारे में पढ़ा - कुछ ऊँचे पहाड़ पर, कुछ पानी में, कुछ जिनमें लकड़ी और पत्थर पर सुंदर डिज़ाइन हैं, कुछ जिन्हें बाँधकर किसी और जगह भी ले जाया जा सकता है। बताओ, यह बसेरे वहाँ के लोगों की ज़रूरत के हिसाब से कैसे बने हैं?
Advertisements
उत्तर
मैंने जम्मू कश्मीर के अलग-अलग तरह के घरों के बारे में पढ़ा। सभी तरह के घर वहाँ के निवासियों की जरूरत के अनुरूप बने हैं। नाव पर बने घर में सभी सुविधाएँ रहती हैं जो कि वहाँ आने वाले लोगों की जरूरतों को पूरा करते हैं। पत्थर तथा लकड़ियों से बने घर उसमें रहने वाले लोगों की ठंढ़ से रक्षा करते हैं। चांगपा लोगों द्वारा बनाये गये टेंट जैसे घर उनकी घुमक्कड़ जिंदगी के लिए उपयुक्त हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
नक्शे में देखकर बताओ कि मुंबई से कश्मीर जाने के रास्ते में कौन-कौन से राज्य आएँगे?
मनाली मैदानी इलाका है या पहाड़ी? वह शहर कौन-से राज्य में है?
क्या तुम कभी टेंट में रहे हो? कहाँ? कैसा अनुभव था?
मान लो, तुम्हें अकेले पहाड़ पर दो दिन तक एक टेंट में रहना है और तुम अपने साथ केवल दस चीज़ें ले जा सकते हो। उन दस चीज़ों की सूची बनाओ, जो तुम ले जाना चाहोगे।
ताशी के इलाके के लोग सर्दियों में नीचे की मंज़िल पर रहते हैं। वे ऐसा क्यों करते होंगे?
तुम्हारे घर की छत कैसी है? तुम्हारे यहाँ छत किन-किन कामों के लिए इस्तेमाल होती है?
तुम जिस इलाके में रहते हो वह कितनी उँचाई पर है?
तुम ज़्यादा-से-ज़्यादा कितनी उँचाई तक गए हो?
चांगपा लोगों की ज़िंदगी पूरी तरह से इन जानवरों से जुड़ी है। क्या कोई जानवर तुम्हारी ज़िंदगी का हिस्सा हैं? जैसे - तुम्हारा कोई पालतू जानवर या खेती में इस्तेमाल किए गए जानवर, इत्यादि।
अंदाज़ा लगाओ कि बकरवाल और चांगपा लोगों की जिंदगी में कौन-सी बातें मिलती-जुलती हो सकती हैं? और क्या फ़र्क है?
