Advertisements
Advertisements
प्रश्न
तुमने जम्मू-कश्मीर के तरह-तरह के बसेरों के बारे में पढ़ा - कुछ ऊँचे पहाड़ पर, कुछ पानी में, कुछ जिनमें लकड़ी और पत्थर पर सुंदर डिज़ाइन हैं, कुछ जिन्हें बाँधकर किसी और जगह भी ले जाया जा सकता है।
यह घर तुम्हारे घर से कैसे अलग हैं?
Advertisements
उत्तर
हमारे घर ईंट तथा सीमेंट से बने होते हैं, जो कि कम ठंढ़क तथा गर्म जलवायु के लिए उपयुक्त है तथा एक ही जगह बने रहते हैं। जबकि चांगपा लोगों के घर जो टेंट जैसे होते हैं, उनकी सुविधानुसार एक जगह से दूसरे जगह आसानी से ले जाये जा सकते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
तुमने किस-किस तरह के घर देखे हैं? उनके बारे में बताओ। चित्र भी बनाओ।
ताशी के इलाके के लोग सर्दियों में नीचे की मंज़िल पर रहते हैं। वे ऐसा क्यों करते होंगे?
तुम जिस इलाके में रहते हो वह कितनी उँचाई पर है?
गौरव जानी ने ऐसा क्यों कहा - ‘इतनी उँचाई पर साँस लेने में भी मुश्किल हो रही थी’?
वह कितनी उँचाई पर था? क्या वहाँ साँस लेने में तुम्हें भी परेशानी आई?
क्या भेड़-बकरियों को अपने शरीर के बाल की ज़रूरत नहीं होती, चर्चा करो।
अपने घर के बारे में सोचो। घर बनाने के लिए किन चीज़ों का इस्तेमाल हुआ है? मिट्टी, पत्थर, लकड़ी या सीमेंट? अपने घर की खास बात चित्र द्वारा दिखाओ।
इस चित्र को देखो। क्या इसमें कुछ घर पहचान पा रहे हो? ये लकड़ी और मिट्टी के घर हैं जिनमें सर्दियों में कोई नहीं रहता। गर्मियों में बकरवाल लोग यहाँ रहने आते हैं जब वे बकरियों को चराने के लिए पहाड़ों की उँचाइयों पर ले जाते हैं।
अंदाज़ा लगाओ कि बकरवाल और चांगपा लोगों की जिंदगी में कौन-सी बातें मिलती-जुलती हो सकती हैं? और क्या फ़र्क है?
तुमने जम्मू-कश्मीर के तरह-तरह के बसेरों के बारे में पढ़ा - कुछ ऊँचे पहाड़ पर, कुछ पानी में, कुछ जिनमें लकड़ी और पत्थर पर सुंदर डिज़ाइन हैं, कुछ जिन्हें बाँधकर किसी और जगह भी ले जाया जा सकता है। बताओ, यह बसेरे वहाँ के लोगों की ज़रूरत के हिसाब से कैसे बने हैं?
