English

किसी 1 m लंबे स्टील के फीते का यथार्थ अंशांकन 27.0°C पर किया गया है। किसी तप्त दिन जब ताप 45°C था तब इस फीते से किसी स्टील की छड़ की लंबाई 63.0 cm मापी गई। - Physics (भौतिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

किसी 1 m लंबे स्टील के फीते का यथार्थ अंशांकन 27.0°C पर किया गया है। किसी तप्त दिन जब ताप 45°C था तब इस फीते से किसी स्टील की छड़ की लंबाई 63.0 cm मापी गई। उस दिन स्टील की छड़ की वास्तविक लंबाई क्या थी? जिस दिन ताप 27.0°C होगा उस दिन इसी छड़ की लंबाई क्या होगी? स्टील का रेखीय प्रसार गुणांक = 1.20 × 10-5 K-1

Numerical
Advertisements

Solution

जब ताप 27°C से बढ़कर 45°C हो जाती है तो ताप में वृद्धि ΔT = (45 - 27)°C ≡ 18K; माना 27°C पर अंशांकित स्टील के फीते पर इस ताप वृद्धि के कारण इसकी l1 = 1 cm लंबाई बढ़कर l2, हो जाती है तो

`alpha = ("l"_2 - "l"_1)/("l"_1 xx triangle"T")` से l2 = l1(1 + αΔT)

l2 = 1 cm (1 + 1.20 × 10-5 × 18) = 1.000216 cm

अतः यदि स्टील का फीता 45°C पर 1 cm मापता है तो छड़ की वास्तविक लंबाई 1.000216 cm होगी। परन्तु यहाँ 45°C परं यह 63 cm मापता है। अत: स्टील छड़ की वास्तविक लंबाई
= 63 × 1.000216 cm = 63.0136 cm

जिस दिन ताप 27°C होगा उस दिन स्टील फीते पर 1 cm चिह्न की वास्तविक लंबाई 1 cm ही होगी चूंकि यह फीता इसी ताप पर अंशांकित किया गया है। अत: 27°C पर छड़ की वास्तविक लंबाई = 63.0 × 1 cm = 63.0 cm ही होगी।

shaalaa.com
तापीय प्रसार
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

ताँबे की चादर में एक छिद्र किया गया है। 27.0°C पर छिद्र का व्यास 4.24 cm है। इस धातु की चादर को 227°C तक तप्त करने पर छिद्र के व्यास में क्या परिवर्तन होगा? ताँबे का रेखीय प्रसार गुणांक = 1.70 x 10-5K-1


27°C पर 1.8 cm लंबे किसी ताँबे के तार को दो दृढ़ टेकों के बीच अल्प तनाव रखकर थोड़ा कसा गया है। यदि तार को -39°C ताप तक शीतित करें तो तार में कितना तनाव उत्पन्न हो जाएगा? तार का व्यास 2.0 mm है। पीतल को रेखीय प्रसार गुणांक = 2.0 x 10-5 k-1, पीतल का यंग प्रत्यास्थता गुणांक = 0.91 x 1011Pa।


50 cm लंबी तथा 3.0 mm व्यास की किसी पीतल की छड़ को उसी लंबाई तथा व्यास की किसी स्टील की छड़ से जोड़ा गया है। यदि ये मूल लंबाईयाँ 40°C पर हैं तो 250°C पर संयुक्त छड़ की लंबाई में क्या परिवर्तन होगा? क्या संधि पर कोई तापीय प्रतिबल उत्पन्न होगा? छड़ के सिरों को प्रसार के लिए मुक्त रखा गया है। (ताँबे तथा स्टील के रेखीय प्रसार गुणांक क्रमशः 2.0 × 10-5 k-1 तथा 1.2 × 10-5 × k-1 हैं।)


ग्लिसरीन का आयतन प्रसार गुणांक 49 × 10-5 K-1 है। ताप में 30°C की वृद्धि होने पर इसके घनत्व में क्या आंशिक परिवर्तन होगा?


8.0 kg द्रव्यमान के किसी ऐलुमिनियम के छोटे ब्लॉक में छिद्र करने के लिए किसी 10 kw की बरमी का उपयोग किया गया है। 2.5 मिनट में ब्लॉक के ताप में कितनी वृद्धि हो जाएगी? यह मानिए कि 50% शक्ति तो स्वयं बरमी को गर्म करने में खर्च हो जाती है अथवा परिवेश में लुप्त हो जाती है। ऐलुमिनियम की विशिष्ट ऊष्मा धारिता = 0.91 J g-1K-1 है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×