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Question
50 cm लंबी तथा 3.0 mm व्यास की किसी पीतल की छड़ को उसी लंबाई तथा व्यास की किसी स्टील की छड़ से जोड़ा गया है। यदि ये मूल लंबाईयाँ 40°C पर हैं तो 250°C पर संयुक्त छड़ की लंबाई में क्या परिवर्तन होगा? क्या संधि पर कोई तापीय प्रतिबल उत्पन्न होगा? छड़ के सिरों को प्रसार के लिए मुक्त रखा गया है। (ताँबे तथा स्टील के रेखीय प्रसार गुणांक क्रमशः 2.0 × 10-5 k-1 तथा 1.2 × 10-5 × k-1 हैं।)
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Solution
प्रत्येक छड़ का ताप T1 = 40°C पर लंबाई L1 = 50 cm
संयुक्त छड़ का अंतिम ताप T2 = 250°C
अतः प्रत्येक छड़ के ताप में वृद्धि
∆T = T2 – T1 = (250 -40)°C = 210°C = 210K
(∵ सेल्सियस तथा केल्विन पैमाने पर 1 डिग्री को आकार बराबर होता है)
∵ पीतल की छड़ की लंबाई में वृद्धि
(∆L) पीतल = L1 • α.पीतल × ∆T= 50 सेमी × 2.0 × 10-5 K-1 × 210K
= 0.21 सेमी
स्टील की छड़ की लंबाई में वृद्धि (∆L) स्टील = L1 × 0.स्टील × ∆T
= 50 cm × 1.2 × 10-5 K-1 × 210K
= 0.126 cm ≈ 0.13 cm
∴ संयुक्त छड़ की लंबाई में वृद्धि
= (∆L) पीतल + (∆L) स्टील
= 0.21 cm + 0.13 cm
= 0.34 cm
चूँकि छड़ों के सिरों को प्रसार के लिए मुक्त रखा गया है, अत: संधि पर कोई तापीय प्रतिबल उत्पन्न नहीं होगा।
