Advertisements
Advertisements
Question
‘इफ़्फ़न के पिता के तबादले के बाद टोपी शुक्ला का अकेलापन और महंत और भाईयों के दुर्व्यवहार के कारण ‘हरिहर काका’ का मौन धारण वर्तमान समाज की ऐसी सच्चाई है, जिससे आज बहुत से लोग पीड़ित हैं।’ इस स्थिति से निकलने में आप ऐसे लोगों को क्या सुझाव देंगे?
Advertisements
Solution
इफ़्फ़न के चले जाने से टोपी बेहद अकेला महसूस करने लगा और उसके जीवन में फिर कभी ऐसी गहरी दोस्ती नहीं हो पाई। दूसरी ओर, हरिहर काका भी अपने भाइयों के धोखे से आहत होकर निराश हो गए। टोपी और हरिहर काका की यह उदासीनता उनके जीवन में आए खालीपन और दूसरों पर अत्यधिक भरोसा करने का परिणाम थी। इन दोनों का अकेलापन अन्य लोगों और परिवारजनों की उपेक्षा के कारण बढ़ गया। यदि टोपी को अन्य सहपाठियों या भाई-बहनों का सहारा मिला होता, तो वह इस स्थिति से उबर सकता था। ऐसे समय में व्यक्ति को भावनात्मक रूप से खुद को मजबूत बनाना चाहिए। अपनी रुचि के कामों में मन लगाना, नए लोगों से मिलना, दोस्त बनाना, या घूमने-फिरने जैसी गतिविधियों के जरिए अकेलेपन को दूर किया जा सकता है। यदि कोई हमें सहारा न दे, तो हमें खुद दूसरों का सहारा बनने की कोशिश करनी चाहिए। इससे न केवल हम खुद को संभाल पाएंगे, बल्कि दूसरों को भी मदद कर सकेंगे।
RELATED QUESTIONS
ठाकुर बाड़ी के प्रति गाँव वालों के मन में अपार श्रद्धा के जो भाव हैं उससे उनकी किस मनोवृत्ति का पता चलता है?
हरिहर काका को जबरन उठा ले जाने वाले कौन थे? उन्होंने उनके साथ कैसा व्यवहार किया?
कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि लेखक ने यह क्यों कहा, "अज्ञान की स्थिति में ही मनुष्य मृत्यु से डरते हैं। ज्ञान होने के बाद तो आदमी आवश्यकता पड़ने पर मृत्यु को वरण करने के लिए तैयार हो जाता है।"
समाज में रिश्तों की क्या अहमियत है? इस विषय पर अपने विचार प्रकट कीजिए।
यदि आपके आसपास हरिहर काका जैसी हालत में कोई हो तो आप उसकी किस प्रकार मदद करेंगे?
हरिहर काका के गाँव में यदि मीडिया की पहुँच होती तो उनकी क्या स्थिति होती? अपने शब्दों में लिखिए।
लेखक ने कैसे जाना कि हरिहर काका उसे बचपन में बहुत प्यार करते थे?
अपने भाइयों के परिवार के प्रति हरिहर काका के मोहभंग की शुरुआत कैसे हुई?
परिवार वालों से हरिहर काका के असंतुष्ट होने की बात महंत को कैसे पता चली? यह सुनकर महंत ने क्या किया?
हरिहर काका द्वारा ठाकुरबारी के नाम जमीन लिखने में हो रही देरी के बारे में महंत जी ने क्या अनुमान लगाया? इसके लिए उन्हें क्या विकल्प नजर आया?
ठाकुरबारी से छुड़ाकर लाए गए हरिहर काका की सुरक्षा के लिए उनके भाइयों ने क्या-क्या प्रबंध किए?
हरिहर काका की मृत्यु के बाद उनकी जमीन-जायदाद पर कब्जा करने के लिए उनके भाइयों ने क्या योजना बना रखी थी?
महंत जी ने हरिहर काका की ज़मीन हड़पने के लिए धर्म, मोह और माया का सहारा किस तरह लिया? उनका ऐसा करना आप कितना उचित मानते हैं?
लोभी महंत एक ओर हरिहर काका को यश और बैकुंठ का लोभ दिखा रहा था तो दूसरी ओर पूर्व जन्म के उदाहरण द्वारा भय भी दिखा रहा था। स्पष्ट कीजिए।
महंत की बातें सुनकर हरिहर काका किस दुविधा में फँस गए? पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
ठाकुरबारी के साधु-संतों के व्यवहार से काका को किस वास्तविकता का ज्ञान हुआ? साधु-संतों का ऐसा व्यवहार कितना उचित था?
आप हरिहर काका के भाई की जगह होते तो क्या करते?
लोगों के बीच बहस छिड़ जाती है। उत्तराधिकारी के कानून पर जो जितना जानता है, उससे दस गुना अधिक उगल देता है। फिर भी कोई समाधान नहीं निकलता। रहस्य खत्म नहीं होता, आंशकाएँ बनी ही रहती हैं। लेकिन लोग आशंकाओं को नजरअंदाज कर अपनी पक्षधरता शुरू कर देते हैं।
हरिहर काका सभी के लिए चर्चा का केंद्र बने हुए थे। हरिहर काका मामले में गाँव वालों की राय तर्कसहित स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
उनकी इस स्थिति में मुझे चिंतित कर दिया है। जैसे कोई नाव बीच मझधार में फँसी हो और उस पर सवार लोग चिल्ला कर भी अपनी रक्षा ना कर सकते हो क्योंकि उनकी चिल्लाहट दूर तक फैले सागर के बीच उठती गिरती लहरों में विलीन हो जाने की अतिरिक्त कर ही क्या सकती है। 'हरिहर काका' पाठ से उद्धृत लेखक के इस कथन की संदर्भ सहित विवेचना कीजिए।
पूरक पाठ्य पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -
हरिहर काका और टोपी शुक्ला दोनों ही भरे-पूरे परिवार से संबंधित होते हुए भी अकेले थे। दोनों के अकेलेपन के कारणों की समीक्षा कीजिए।
