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Question
ठाकुरबारी से लौटे हरिहर काका सुखद आश्चर्य में क्यों पड़ गए?
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Solution
ठाकुरबारी से लौटे हरिहर काका सुखद आश्चर्य में इसलिए पड़ गए, क्योंकि परिवार के जिन सदस्यों को उनसे बात करने की भी फुरसत न थी, वही सब अब सिर आँखों पर उठाने को तैयार थे। उनके भाइयों की पत्नियों ने उनके पैर पर माथा रख गलती के लिए क्षमा-याचना की। फिर उनकी आवभगत और जो खातिर शुरू हुई, वैसी खातिर किसी के यहाँ मेहमान आने पर भी नहीं होती होगी। उनकी रुचि और इच्छा के मुताबिक दोनों जून खाना-नाश्ता तैयार मिलने लगा तथा घर की महिलाएँ उनकी सेवा में तल्लीन रहती थीं।
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
उनकी इस स्थिति में मुझे चिंतित कर दिया है। जैसे कोई नाव बीच मझधार में फँसी हो और उस पर सवार लोग चिल्ला कर भी अपनी रक्षा ना कर सकते हो क्योंकि उनकी चिल्लाहट दूर तक फैले सागर के बीच उठती गिरती लहरों में विलीन हो जाने की अतिरिक्त कर ही क्या सकती है। 'हरिहर काका' पाठ से उद्धृत लेखक के इस कथन की संदर्भ सहित विवेचना कीजिए।
