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ठाकुरबारी से लौटे हरिहर काका सुखद आश्चर्य में क्यों पड़ गए? - Hindi Course - B

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प्रश्न

ठाकुरबारी से लौटे हरिहर काका सुखद आश्चर्य में क्यों पड़ गए?

टीपा लिहा
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उत्तर

ठाकुरबारी से लौटे हरिहर काका सुखद आश्चर्य में इसलिए पड़ गए, क्योंकि परिवार के जिन सदस्यों को उनसे बात करने की भी फुरसत न थी, वही सब अब सिर आँखों पर उठाने को तैयार थे। उनके भाइयों की पत्नियों ने उनके पैर पर माथा रख गलती के लिए क्षमा-याचना की। फिर उनकी आवभगत और जो खातिर शुरू हुई, वैसी खातिर किसी के यहाँ मेहमान आने पर भी नहीं होती होगी। उनकी रुचि और इच्छा के मुताबिक दोनों जून खाना-नाश्ता तैयार मिलने लगा तथा घर की महिलाएँ उनकी सेवा में तल्लीन रहती थीं।

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हरिहर काका
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: हरिहर काका - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sanchayan Part 2 Class 10
पाठ 1 हरिहर काका
अतिरिक्त प्रश्न | Q 16

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अथवा
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कल भी उनके यहाँ गया था, लेकिन न तो वह कल ही कुछ कह सके और न आज ही। दोनों दिन उनके पास मैं देर तक बैठा रहा, लेकिन उन्होंने कोई बातचीत नहीं की। जब उनकी तबीयत के बारे में पूछा तब उन्होंने सिर उठाकर एक बार मुझे देखा फिर सिर झुकाया तो दुबारा मेरी ओर नहीं देखा। हालाँकि उनकी एक ही नज़र बहुत कुछ कह गई। जिन यंत्रणाओं के बीच वह घिरे थे और जिस मनःस्थिति में जी रहे थे, उसमें आँखें ही बहुत कुछ कह देती हैं, मँहु खोलने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

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हरिहर काका सभी के लिए चर्चा का केंद्र बने हुए थे। हरिहर काका मामले में गाँव वालों की राय तर्कसहित स्पष्ट कीजिए।


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