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ठाकुरबारी से लौटे हरिहर काका सुखद आश्चर्य में क्यों पड़ गए?

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प्रश्न

ठाकुरबारी से लौटे हरिहर काका सुखद आश्चर्य में क्यों पड़ गए?

टीपा लिहा
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उत्तर

ठाकुरबारी से लौटे हरिहर काका सुखद आश्चर्य में इसलिए पड़ गए, क्योंकि परिवार के जिन सदस्यों को उनसे बात करने की भी फुरसत न थी, वही सब अब सिर आँखों पर उठाने को तैयार थे। उनके भाइयों की पत्नियों ने उनके पैर पर माथा रख गलती के लिए क्षमा-याचना की। फिर उनकी आवभगत और जो खातिर शुरू हुई, वैसी खातिर किसी के यहाँ मेहमान आने पर भी नहीं होती होगी। उनकी रुचि और इच्छा के मुताबिक दोनों जून खाना-नाश्ता तैयार मिलने लगा तथा घर की महिलाएँ उनकी सेवा में तल्लीन रहती थीं।

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हरिहर काका
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हरिहर काका की पंद्रह बीघे ज़मीन उनके लिए जी का जंजाल बन गई। कथन के आलोक में अपने विचार व्यक्त कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'हरिहर काका कहानी पारिवारिक जीवन में घर कर चुकी स्वार्थपरता और हिंसा-प्रवृत्ति को बेनकाब करती है।' तर्कसंगत उत्तर दीजिए।


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