English

गांधी जी के आदर्शों पर आधारित पुस्तकें पढ़िए; जैसे- महात्मा गांधी द्वारा रचित ‘सत्य के प्रयोग’ और गिरिराज किशोर द्वारा रचित उपन्यास ‘गिरमिटिया’।

Advertisements
Advertisements

Question

गांधी जी के आदर्शों पर आधारित पुस्तकें पढ़िए; जैसे- महात्मा गांधी द्वारा रचित ‘सत्य के प्रयोग’ और गिरिराज किशोर द्वारा रचित उपन्यास ‘गिरमिटिया’।

Activity
Advertisements

Solution

निर्देश: गांधी जी के जीवन और विचारों पर आधारित पुस्तकें (जैसे महात्मा गांधी की 'सत्य के प्रयोग' या गिरिराज किशोर का उपन्यास 'गिरमिटिया') पढ़ें और समझें कि उनके विचार समाज और जीवन के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं।
सुझाव: आप इन पुस्तकों से गांधी जी के जीवन के उन प्रसंगों को चुन सकते हैं जिन्होंने आपको सबसे अधिक प्रभावित किया हो (जैसे उनका सत्य के प्रति आग्रह या सादगी)। चूँकि यह एक पठन गतिविधि है, इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी की पसंद और निष्कर्ष अलग-अलग हो सकते हैं।
नमूना उत्तर:
'सत्य के प्रयोग' पुस्तक पढ़ने से मुझे यह प्रेरणा मिली कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाियाँ आएँ, हमें हमेशा सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलना चाहिए। यह पुस्तक दिखाती है कि छोटे-छोटे सत्यों का पालन करके भी एक महान जीवनिया बनाया जा सकता है।
shaalaa.com
पतझर में टूटी पत्तियाँ
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 2.7: पतझर में टूटी पत्तियाँ - योग्यता विस्तार [Page 105]

APPEARS IN

NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
Chapter 2.7 पतझर में टूटी पत्तियाँ
योग्यता विस्तार | Q I. 1. | Page 105

RELATED QUESTIONS

शुद्ध सोना और गिन्नी का सोना अलग क्यों होता है?


लेखक ने जापानियों के दिमाग में 'स्पीड' का इंजन लगने की बात क्यों कही है?


जापान में जहाँ चाय पिलाई जाती है, उस स्थान की क्या विशेषता है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए−
'टी-सेरेमनी' में कितने आदमियों को प्रवेश दिया जाता था और क्यों?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए−
चाय पीने के बाद लेखक ने स्वयं में क्या परिवर्तन महसूस किया?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए−
लेखक के अनुसार सत्य केवल वर्तमान है, उसी में जीना चाहिए। लेखक ने ऐसा क्यों कहा होगा? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −
जब व्यवहारिकता का बखान होने लगता है तब 'प्रेक्टिकल आइडियालिस्टों' के जीवन से आदर्श धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हैं और उनकी व्यवहारिक सूझ-बूझ ही आगे आने लगती है?


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −
सभी क्रियाएँ इतनी गरिमापूर्ण ढंग से कीं कि उसकी हर भंगिमा से लगता था मानो जयजयवंती के सुर गूँज रहे हों।


पाठ में वर्णित ‘टी-सेरेमनी’ का शब्द चित्र प्रस्तुत कीजिए।


गिन्नी के सोने का अधिक उपयोग क्यों किया जाता है?


गांधी जी प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट थे। स्पष्ट कीजिए।


समाज के उत्थान में आदर्शवादियों का योगदान स्पष्ट कीजिए।


‘टी-सेरेमनी’ की चाय का लेखक पर क्या असर हुआ?


‘झेन की देन’ पाठ से आपको क्या संदेश मिलता है?


मृगाक्षी एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में मैनेजर के पद पर आसीन है। श्रेष्ठ संचालन व बहुमुखी प्रतिभा की धनी होने के साथ ही बुद्धिमानी से तथ्यों को सुलझाने और सभी कार्यों को व्यवस्थित करने में उसका कोई सानी नहीं। वह रात-दिन काम में जुटी रहती है। कंपनी के स्तर को बढ़ाने के लिए सदैव प्रयासरत रहती है। कुछ दिनों से उसके सिर में दर्द रहने लगा है तथा नींद भी ठीक से नहीं आती है। ज़रा-ज़रा सी बात में चिड़चिड़ापन होता है तथा अक्सर उदासी उसे घेरे रहती है।

इसका क्या कारण हो सकता है? 'पतझर में टूटी पत्तियाँ पाठ में 'झेन की देन' हमें जो सीख प्रदान करती है, क्या वह मृगाक्षी के लिए सही साबित हो सकती है? स्थिति का मूल्यांकन करते हुए अपने विचार लिखिए।


भ्रमण हम सभी के जीवन का अभिन्‍न अंग है। अपनी व्यस्ततम दिनचर्या के बीच चैन से भरे कुछ पल शायद हम इसी प्रकार निकाल सकते हैं। शांत वातावरण मैं अपने तथा अपनों के लिए जीवन व्यतीत करना आवश्यक है।

आपके दवारा इस पाठ्यक्रम में पढ़े गए पाठ में चैन भरे पल बिताने के लिए लेखक ने क्या किया? क्या वास्तव में सभी को इसकी आवश्यकता है? अपने विचार व्यक्त कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60-70 शब्दों में लिखिए:

"हमारे सामने जो वर्तमान क्षण है वही सत्य है। उसी में जीना चाहिए।" ‘झेन की देन’ पाठ से उद्धृत लेखक का यह कथन वर्तमान परिस्थितियों में कहाँ तक सत्य है? क्या आप इससे सहमत हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।


वर्तमान समाज में मौजूद शाश्वत मूल्य किसकी देन हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×