हिंदी

गांधी जी के आदर्शों पर आधारित पुस्तकें पढ़िए; जैसे- महात्मा गांधी द्वारा रचित ‘सत्य के प्रयोग’ और गिरिराज किशोर द्वारा रचित उपन्यास ‘गिरमिटिया’।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

गांधी जी के आदर्शों पर आधारित पुस्तकें पढ़िए; जैसे- महात्मा गांधी द्वारा रचित ‘सत्य के प्रयोग’ और गिरिराज किशोर द्वारा रचित उपन्यास ‘गिरमिटिया’।

कृति
Advertisements

उत्तर

निर्देश: गांधी जी के जीवन और विचारों पर आधारित पुस्तकें (जैसे महात्मा गांधी की 'सत्य के प्रयोग' या गिरिराज किशोर का उपन्यास 'गिरमिटिया') पढ़ें और समझें कि उनके विचार समाज और जीवन के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं।
सुझाव: आप इन पुस्तकों से गांधी जी के जीवन के उन प्रसंगों को चुन सकते हैं जिन्होंने आपको सबसे अधिक प्रभावित किया हो (जैसे उनका सत्य के प्रति आग्रह या सादगी)। चूँकि यह एक पठन गतिविधि है, इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी की पसंद और निष्कर्ष अलग-अलग हो सकते हैं।
नमूना उत्तर:
'सत्य के प्रयोग' पुस्तक पढ़ने से मुझे यह प्रेरणा मिली कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाियाँ आएँ, हमें हमेशा सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलना चाहिए। यह पुस्तक दिखाती है कि छोटे-छोटे सत्यों का पालन करके भी एक महान जीवनिया बनाया जा सकता है।
shaalaa.com
पतझर में टूटी पत्तियाँ
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.7: पतझर में टूटी पत्तियाँ - योग्यता विस्तार [पृष्ठ १०५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
अध्याय 2.7 पतझर में टूटी पत्तियाँ
योग्यता विस्तार | Q I. 1. | पृष्ठ १०५

संबंधित प्रश्न

शुद्ध सोना और गिन्नी का सोना अलग क्यों होता है?


पाठ के संदर्भ में शुद्ध आदर्श क्या है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए−
गाँधीजी में नेतृत्व की अद्भुत क्षमता थी; उदाहरण सहित इस बात की पुष्टि कीजिए?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए−
आपके विचार से कौन-से ऐसे मूल्य हैं जो शाश्वत हैं? वर्तमान समय में इन मूल्यों की प्रांसगिकता स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए−
'शुद्ध सोने में ताबे की मिलावट या ताँबें में सोना', गाँधीजी के आदर्श और व्यवहार के संदर्भ में यह बात किस तरह झलकती है? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए−
'गिरगिट' कहानी में आपने समाज में व्याप्त अवसरानुसार अपने व्यवहार को पल-पल में बदल डालने की एक बानगी देखी। इस पाठ के अंश 'गिन्नी का सोना' का संदर्भ में स्पष्ट कीजिए कि 'आदर्शवादिता' और 'व्यवहारिकता' इनमें से जीवन में किसका महत्व है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए−
लेखक के अनुसार सत्य केवल वर्तमान है, उसी में जीना चाहिए। लेखक ने ऐसा क्यों कहा होगा? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −
सभी क्रियाएँ इतनी गरिमापूर्ण ढंग से कीं कि उसकी हर भंगिमा से लगता था मानो जयजयवंती के सुर गूँज रहे हों।


शुद्ध सोने का उपयोग कम किया जाता है, क्यों?


गिन्नी के सोने का अधिक उपयोग क्यों किया जाता है?


गांधी जी प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट थे। स्पष्ट कीजिए।


व्यवहारवादी लोगों की क्या विशेषताएँ हैं?


‘व्यवहारवाद’ समाज के लिए किस प्रकार हानिकारी है?


लेखक के मित्र के अनुसार जापानी किस रोग से पीड़ित हैं और क्यों?


‘झेन की देन’ पाठ से आपको क्या संदेश मिलता है?


मृगाक्षी एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में मैनेजर के पद पर आसीन है। श्रेष्ठ संचालन व बहुमुखी प्रतिभा की धनी होने के साथ ही बुद्धिमानी से तथ्यों को सुलझाने और सभी कार्यों को व्यवस्थित करने में उसका कोई सानी नहीं। वह रात-दिन काम में जुटी रहती है। कंपनी के स्तर को बढ़ाने के लिए सदैव प्रयासरत रहती है। कुछ दिनों से उसके सिर में दर्द रहने लगा है तथा नींद भी ठीक से नहीं आती है। ज़रा-ज़रा सी बात में चिड़चिड़ापन होता है तथा अक्सर उदासी उसे घेरे रहती है।

इसका क्या कारण हो सकता है? 'पतझर में टूटी पत्तियाँ पाठ में 'झेन की देन' हमें जो सीख प्रदान करती है, क्या वह मृगाक्षी के लिए सही साबित हो सकती है? स्थिति का मूल्यांकन करते हुए अपने विचार लिखिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60-70 शब्दों में लिखिए:

"हमारे सामने जो वर्तमान क्षण है वही सत्य है। उसी में जीना चाहिए।" ‘झेन की देन’ पाठ से उद्धृत लेखक का यह कथन वर्तमान परिस्थितियों में कहाँ तक सत्य है? क्या आप इससे सहमत हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×