English

एक ठोस एक अर्धगोले पर खड़े एक शंकु के आकार का है जिनकी त्रिज्याएँ 1 सेमी हैं तथा शंकु की ऊँचाई उसकी त्रिज्या के बराबर है। इस ठोस का आयतन π के पदों में ज्ञात कीजिए।

Advertisements
Advertisements

Question

एक ठोस एक अर्धगोले पर खड़े एक शंकु के आकार का है जिनकी त्रिज्याएँ 1 सेमी हैं तथा शंकु की ऊँचाई उसकी त्रिज्या के बराबर है। इस ठोस का आयतन π के पदों में ज्ञात कीजिए।

Sum
Advertisements

Solution

मान लीजिये,

शंकु की ऊंचाई (h) = शंक्वाकार भाग की त्रिज्या (r) = 1 सेमी

अर्धगोलाकार भाग की त्रिज्या (r) = शंकु की त्रिज्या (r) = 1 सेमी

ठोस का आयतन = शंकु का आयतन + अर्धगोलाकार भाग का आयतन

= `1/3 pir^2h + 2/3pir^3`

= `1/3pi[(1)^2 xx 1 + 2 xx (1)^3]`

= `1/3 pixx 1 xx 3` cm3

= π cm3

shaalaa.com
ठोसों के संयोजन का आयतन
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 12: पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन - प्रश्नावली 12.2 [Page 187]

APPEARS IN

NCERT Ganit [Hindi] Class 10
Chapter 12 पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन
प्रश्नावली 12.2 | Q 1. | Page 187

RELATED QUESTIONS

भुजा 7 सेमी वाले एक घनाकार ब्लॉक के ऊपर एक अर्धगोला रखा हुआ है। अर्धगोले का अधिकतम व्यास क्या हो सकता है? इस प्रकार बने ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। [उपयोग π = `22/7`]


एक इंजीनियरिंग के विद्यार्थी रचेल से एक पतली एल्यूमीनियम की शीट का प्रयोग करते हुए एक मॉडल बनाने को कहा गया है जो एक ऐसे बेलन के आकार का हो जिसके दोनों सिरों पर दो शंकु जुड़े हुए हों। इस मॉडल का व्यास 3 सेमी है और इसकी लंबाई 12 सेमी है। यदि प्रत्येक शंकु की ऊँचाई 2 सेमी हो तो रचेल द्वारा बनाए गए मॉडल में अंतर्विष्ट हवा का आयतन ज्ञात कीजिए। (यह मान लीजिए कि मॉडल की आंतरिक और बाहरी विमाएँ लगभग बराबर हैं।)


ऊँचाई 220 cm और आधार व्यास 24 cm वाले एक बेलन, जिस पर ऊँचाई 60 cm और त्रिज्या 8 cm वाला एक अन्य बेलन आरोपित है, से लोहे का एक स्तंभ बना है। इस स्तंभ का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए, जबकि दिया है 1 घन cm3 लोहे का द्रव्यमान लगभग 8 g होता है। [उपयोग π = 3.14]


एक 22 cm आंतरिक किनारे वाले खोखले घन को 0.5 cm व्यास वाले गोलाकार कंचों से भरा जाता है तथा यह कल्पना की जाती है कि घन का `1/8` स्थान भरा नहीं जा सकता है। तब घन में समावेशित होने वाले कंचों की संख्या ______ है।


एक 3 cm, 4 cm और 5 cm किनारों वाले धातु के तीन ठोस घनों को पिघलाकर एक अकेला घन बनाया गया है। इस प्रकार बने घन का किनारा ज्ञात कीजिए।


विमाओं 66 cm, 42 cm और 21 cm वाले एक ठोस घनाभाकार सीसे के टुकड़े में से 4.2 cm वाली कितनी सीसे की गोलियाँ प्राप्त की जा सकती हैं?


आधार व्यास 1.5 cm और ऊँचाई 0.2 cm वाली धातु की वृत्ताकार चकतियों की संख्या ज्ञात कीजिए जिनको पिघलाकर 10 cm ऊँचाई और 4.5 cm व्यास का एक ठोस लंब वृत्तीय बेलन बनाया जा सके। 


आधार 11 m × 6 m वाले एक घनाभाकार पानी की टंकी में 5 m की ऊँचाई तक पानी भरा है। यदि इस पानी को 3.5 m त्रिज्या वाली एक बेलनाकार टंकी में स्थानांतरित कर दिया जाये, तो इस बेलनाकार टंकी में पानी के स्तर की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।


लोहे का एक खुला संदूक बनाने के लिए कितने घन सेंटीमीटर लोहे की आवश्यकता होगी, यदि इस संदूक की बाहरी विमाएँ 36 cm, 25 cm और 16.5 cm हैं, जबकि लोहे की मोटाई 1.5 cm है। यदि 1 घन सेंटीमीटर लोहे का भार 7.5 g है , तो इस संदूक का भार भी ज्ञात कीजिए।


किसी फाउन्टेन पेन की नली, जो बेलन के आकार की है, 7 cm लंबी है और इसका व्यास 5 mm है। इस पेन की नली में पूरी भरी स्याही से औसतन 3300 शब्द लिखे जा सकते हैं। स्याही की उस बोतल से कितने शब्द लिखे जा सकते हैं, जिसमें 1 लीटर की `(1)/(5)` भाग स्याही है? 


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×