Advertisements
Advertisements
Question
एक ठोस एक अर्धगोले पर खड़े एक शंकु के आकार का है जिनकी त्रिज्याएँ 1 सेमी हैं तथा शंकु की ऊँचाई उसकी त्रिज्या के बराबर है। इस ठोस का आयतन π के पदों में ज्ञात कीजिए।
Advertisements
Solution

मान लीजिये,
शंकु की ऊंचाई (h) = शंक्वाकार भाग की त्रिज्या (r) = 1 सेमी
अर्धगोलाकार भाग की त्रिज्या (r) = शंकु की त्रिज्या (r) = 1 सेमी
ठोस का आयतन = शंकु का आयतन + अर्धगोलाकार भाग का आयतन
= `1/3 pir^2h + 2/3pir^3`
= `1/3pi[(1)^2 xx 1 + 2 xx (1)^3]`
= `1/3 pixx 1 xx 3` cm3
= π cm3
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
एक घनाकार ब्लॉक के एक फलक को अंदर की ओर से काट कर एक अर्धगोलाकार गड्ढ़ा इस प्रकार बनाया गया है कि अर्धगोले का व्यास घन के एक किनारे के बराबर है। शेष बचे ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
एक इंजीनियरिंग के विद्यार्थी रचेल से एक पतली एल्यूमीनियम की शीट का प्रयोग करते हुए एक मॉडल बनाने को कहा गया है जो एक ऐसे बेलन के आकार का हो जिसके दोनों सिरों पर दो शंकु जुड़े हुए हों। इस मॉडल का व्यास 3 सेमी है और इसकी लंबाई 12 सेमी है। यदि प्रत्येक शंकु की ऊँचाई 2 सेमी हो तो रचेल द्वारा बनाए गए मॉडल में अंतर्विष्ट हवा का आयतन ज्ञात कीजिए। (यह मान लीजिए कि मॉडल की आंतरिक और बाहरी विमाएँ लगभग बराबर हैं।)
एक गुलाबजामुन में उसके आयतन की लगभग 30% चीनी की चाशनी होती है। 45 गुलाबजामुनों में लगभग कितनी चाशनी होगी, यदि प्रत्येक गुलाबजामुन एक बेलन के आकार का है, जिसके दोनों सिरे अर्धगोलाकार हैं तथा इसकी लंबाई 5 सेमी और व्यास 2.8 सेमी है।

एक बर्तन एक उल्टे शंकु के आकार का है। इसकी ऊँचाई 8 सेमी है और इसके ऊपरी सिरे (जो खुला हुआ है) की त्रिज्या 5 सेमी है। यह ऊपर तक पानी से भरा हुआ है। जब इस बर्तन में सीसे की कुछ गोलियाँ जिनमें प्रत्येक 0.5 सेमी त्रिज्या वाला एक गोला है, डाली जाती है, तो इसमें से भरे हुए पानी का एक चौथाई भाग बाहर निकल जाता है। बर्तन में डाली गई सीसे की गोलियों की संख्या ज्ञात कीजिए।
ऊँचाई 220 cm और आधार व्यास 24 cm वाले एक बेलन, जिस पर ऊँचाई 60 cm और त्रिज्या 8 cm वाला एक अन्य बेलन आरोपित है, से लोहे का एक स्तंभ बना है। इस स्तंभ का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए, जबकि दिया है 1 घन cm3 लोहे का द्रव्यमान लगभग 8 g होता है। [उपयोग π = 3.14]
एक ठोस में, ऊँचाई 120 सेमी और त्रिज्या 60 सेमी वाला एक शंकु सम्मिलित है, जो 60 सेमी त्रिज्या वाले एक अर्धगोले पर आरोपित है। इस ठोस को पानी से भरे हुए एक लंब वृत्तीय बेलन में इस प्रकार सीधा डाल दिया जाता है कि यह बेलन की तली को स्पर्श करे। यदि बेलन की त्रिज्या 60 सेमी और और ऊँचाई 180 सेमी है तो बेलन में शेष बचे पानी का आयतन ज्ञात कीजिए। [π = `22/7`] का प्रयोग करें
एक गोलाकार काँच के बर्तन की एक बेलन के आकार की गर्दन है जिसकी लंबाई 8 सेमी है और व्यास 2 सेमी है जबकि गोलाकार भाग का व्यास 8.5 सेमी है। इसमें भरे जा सकने वाली पानी की मात्रा माप कर, एक बच्चे ने यह ज्ञात किया कि इस बर्तन का आयतन 345 घन सेमी3 है। जाँच कीजिए कि उस बच्चे का उत्तर सही है या नहीं, यह मानते हुए कि उपरोक्त मापन आंतरिक मापन है। π = 3.14
दो ठोस शंकुओं को एक बेलनाकार नली में आकृति में दर्शाए अनुसार रखा जाता है। इनकी धारिताओं का अनुपात 2:1 है। इन शंकुओं की ऊँचाइयाँ और धारिताएँ ज्ञात कीजिए। बेलन के शेष भाग का आयतन भी ज्ञात कीजिए।
एक 7 cm व्यास वाले बेलनाकार बीकर, जिसमें कुछ पानी भरा है, में 1.4 cm व्यास वाले कंचे डाले जाते हैं। कंचों की वह संख्या ज्ञात कीजिए जिनको बीकर में डालने से पानी का स्तर 5.6 cm ऊपर उठ जायेगा।
आधार 11 m × 6 m वाले एक घनाभाकार पानी की टंकी में 5 m की ऊँचाई तक पानी भरा है। यदि इस पानी को 3.5 m त्रिज्या वाली एक बेलनाकार टंकी में स्थानांतरित कर दिया जाये, तो इस बेलनाकार टंकी में पानी के स्तर की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
