Advertisements
Advertisements
Question
एक भवन एक बेलन के आकार का है जिसके ऊपर एक अर्धगोलाकार गुंबज लगा हुआ है तथा इसमें `41 19/21m^3` वायु है। यदि इस गुंबज का आंतरिक व्यास उसके फर्श से संपूर्ण ऊँचाई के बराबर है, तो इस भवन की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
Advertisements
Solution
माना भवन की कुल ऊंचाई = गुंबद का आंतरिक व्यास = 2r m
∴ भवन (या गुंबद) की त्रिज्या = `(2r)/2` = r m
बेलन की ऊँचाई = 2r – r = r m
∴ बेलन का आयतन = πr2(r) = πr3m3
तथा अर्धगोलाकार गुम्बद बेलन का आयतन = `2/3 pir^3m^3`
∴ इमारत का कुल आयतन
= बेलन का आयतन + अर्धगोलाकार गुम्बद का आयतन
= `(pir^3 + 2/3 pir^3)m^3`
= `5/3 pir^3m^3`
प्रश्न के अनुसार,
भवन का आयतन = वायु का आयतन
⇒ `5/3 pir^3 = 41 19/21`
⇒ `5/3 pir^3 = 880/21`
⇒ r3 = `(880 xx 7 xx 3)/(21 xx 22 xx 5)`
= `(40 xx 21)/(21 xx 5)`
= 8
⇒ r3 = 8
⇒ r = 2
∴ भवन की ऊँचाई = 2r
= 2 × 2
= 4 m
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
व्यास 7 मी वाला 20 मी गहरा एक कुआँ खोदा जाता है और खोदने से निकली हुई मिट्टी को समान रूप से फैलाकर 22 मी x 14 मी वाला एक चबूतरा बनाया गया है। इस चबूतरे की उँचाई ज्ञात कीजिए। [उपयोग Π = 22/7]
व्यास 3 मी का एक कुआँ 14 मी की गहराई तक खोदा जाता है। इससे निकली हुई मिट्टी को कुएँ के चारों ओर 4 मी चौड़ी एक वृत्ताकार वलय बनाते हुए, समान रूप से फैलाकर एक प्रकार का बाँध बनाया जाता है। इस बाँध की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
विमाओं 5.5 सेमी × 10 सेमी × 3.5 सेमी वाला एक घनाभ बनाने के लिए, 1.75 सेमी व्यास और 2 मिमी मोटाई वाले कितने चाँदी के सिक्कों को पिघलाना पड़ेगा? [उपयोग π = `22/7`]
त्रिज्या r cm और ऊँचाई h cm (h > 2r) वाले एक लंब वृत्तीय बेलन में ठीक समावेशित होने वाले गोले का व्यास ______ है।
ठोस को एक आकार से दूसरे आकार में बदलने पर, नये आकार का आयतन ______।
एक 44 cm किनारे वाले सीसे के ठोस घन में से 4 cm व्यास वाली कितनी सीसे की गोलियाँ बनायी जा सकती हैं?
त्रिज्या 8 cm वाले एक धातु के ठोस अर्धगोले को पिघलाकर आधार त्रिज्या 6 cm वाले एक लंब वृत्तीय शंकु के रूप में ढाला जाता है। शंकु की ऊँचाई निर्धारित कीजिए।
व्यास 5 mm वाले एक बेलनाकार पाइप के माध्यम से पानी 10 m प्रति मिनट की दर से बह रहा है। आधार व्यास 40 cm और 24 cm गहरे एक शंकु के आकार के बर्तन को पाइप से भरने के लिए कितना समय लगेगा?
एक 16 cm ऊँचाई वाला दूध का बर्तन एक धातु की चादर से शंकु के एक छिन्नक के आकर का बना हुआ है। इसके निचले और ऊपरी सिरों की त्रिज्याएँ क्रमशः 8 cm और 20 cm हैं। इस बर्तन में जितना दूध आ सकता है , उसकी 22 रु प्रति लीटर की दर से लागत ज्ञात कीजिए।
एक पेन स्टैंड एक घनाभ के आकार का है तथा लकड़ी का बना हुआ है, जिसमें चार शंकु के आकार के गड्ढे हैं और एक घनाकार गड्ढा है, जिनमें क्रमश: पेन और पिन रखे जा सकते हैं। घनाभ की विमाएँ 10 cm, 5 cm और 4 cm की हैं। शंकु के आकार प्रत्येक गड्हे की त्रिज्या 0.5 cm है और गहराई 2.1 cm है। घनाकार गड्हे का किनारा 3cm है। संपूर्ण स्टैंड में प्रयुक्त लकड़ी का आयतन ज्ञात कीजिए।
