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Question
धातु की एक खुली बाल्टी इस आकार जैसी है कि उसी धातु की चादर से बने बेलनाकार (खोखला) आधार पर एक शंकु का छिन्नक रखा हुआ है। इसके लिए प्रयुक्त धातु की चादर का पृष्ठीय क्षेत्रफल बराबर है :
शंकु के छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + वृत्ताकार आधार का क्षेत्रफल + बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
Options
सत्य
असत्य
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Solution
यह कथन सत्य है।
स्पष्टीकरण:

चूंकि परिणामी आकृति चित्र के अनुसार होगी,
और छिन्नक के आधार का क्षेत्रफल,
छिन्नक के शीर्ष और सिलेंडर के शीर्ष को नहीं गिना जाएगा,
चूँकि वहां किसी भी धातु की शीट का उपयोग नहीं किया जाता है।
तो आवश्यक क्षेत्रफल होगा = छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + बेलन के आधार का क्षेत्रफल + बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
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धातु की चादर से बना और ऊपर से खुला एक बर्तन शंकु के एक छिन्नक के आकार का है, जिसकी ऊँचाई 16 सेमी है तथा निचले और ऊपरी सिरों की त्रिज्याएँ क्रमश: 8 सेमी और 20 सेमी हैं। 20 रु प्रति लीटर की दर से, इस बर्तन को पूरा भर सकने वाले दूध का मूल्य ज्ञात कीजिए। साथ ही, इस बर्तन को बनाने के लिए प्रयुक्त धातु की चादर का मूल्य 8 रु प्रति 100 वर्ग सेमी की दर से ज्ञात कीजिए। [उपयोग π = 3.14]
20 सेमी ऊँचाई और शीर्ष कोण 60 डिग्री वाले एक शंकु को उसकी ऊँचाई के बीचोबीच से होकर जाते हुए एक तल से दो भागों में काटा गया है, जबकि तल शंकु के आधार के समांतर है। यदि इस प्राप्त शंकु के छिन्नक को व्यास `1/16` सेमी वाले एक तार के रूप में बदल दिया जाता है तो तार की लंबाई ज्ञात कीजिए। [उपयोग π = `22/7`]
शंकु के एक छिन्नक के लिए, पूर्व स्पष्ट किए संकेतों का प्रयोग करते हुए, वक्र पृष्ठीय क्षेत्र फल और संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्र फल के उन सूत्रों को सिद्ध कीजिए,
एक शंकु के छिन्नक के आयतन का सूत्र व्युत्पन्न कीजिए।
एक गिलास का आकार प्रायः निम्न रूप का होता है-

एक शंकु को उसके आधार के समांतर एक तल की सहायता से काटा जाता है और फिर तल के एक ओर बने शंकु को हटा दिया जाता है। तल के दूसरी ओर बचा हुआ नया भाग कहलाता है एक ______।
एक बाल्टी के दोनों वृत्ताकार सिरों के व्यास 44 cm और 24 cm हैं तथा बाल्टी की ऊँचाई 35 cm है। इस बाल्टी की धारिता ______ है।
शंकु के एक छिन्नक का आयतन `1/3 pih[r_1^2 + r_2^2 - r_1r_2]` होता है, जहाँ h छिन्नक की ऊर्घ्वाधर ऊँचाई है और r1, r2 सिरों की त्रिज्याएँ हैं।
शंकु के एक छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल πl (r1 + r2) होता है, जहाँ `l = sqrt(h^2 + (r_1 + r _2)^2)` है, r1 और r2 छिन्नक के दोनों सिरों की त्रिज्याएँ हैं तथा h ऊर्ध्वाधर ऊँचाई है।
कोई बाल्टी एक शंकु के छिन्नक के आकार की है और इसमें 28.490 लीटर पानी आ सकता है। इसके ऊपरी और निचले सिरों की त्रिज्याएँ क्रमशः 28 cm और 21 cm हैं। इस बाल्टी की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
