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शंकु के एक छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल πl (r1 + r2) होता है, जहाँ l=h2+(r1+r2)2 है, r1 और r2 छिन्नक के दोनों सिरों की त्रिज्याएँ हैं तथा h ऊर्ध्वाधर ऊँचाई है। - Mathematics (गणित)

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Question

शंकु के एक छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल πl (r1 + r2) होता है, जहाँ `l = sqrt(h^2 + (r_1 + r _2)^2)` है, r1 और r2 छिन्नक के दोनों सिरों की त्रिज्याएँ हैं तथा h ऊर्ध्वाधर ऊँचाई है।

Options

  • सत्य

  • असत्य

MCQ
True or False
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Solution

यह कथन असत्य है।

स्पष्टीकरण:

हम जानते हैं कि,

छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = πl(r1 + r2)

जहाँ r1 और r2 दो सिरों की त्रिज्याएँ हैं (r1 > r2)

और l = तिरछी ऊँचाई

 `l = sqrt(h^2 + (r_1 + r _2)^2)`   ...[कथन में, तिरछी ऊंचाई की गणना के लिए सूत्र गलत है।]

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शंकु का छिन्नक
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Chapter 12: पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन - प्रश्नावली 12.2 [Page 145]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Mathematics [Hindi] Class 10
Chapter 12 पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन
प्रश्नावली 12.2 | Q 7. | Page 145

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पानी पीने वाला एक गिलास 14 सेमी ऊँचाई वाले एक शंकु के छिन्नक के आकार का है। दोनों वृत्ताकार सिरों के व्यास 4 सेमी और 2 सेमी हैं। इस गिलास की धारिता ज्ञात कीजिए।   [उपयोग π = 22/7]


एक शंकु के छिन्नक की तिर्यक ऊँचाई 4 सेमी है तथा इसके वृत्तीय सिरों के परिमाप 18 सेमी और 6 सेमी हैं। इस छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।


20 सेमी ऊँचाई और शीर्ष कोण 60 डिग्री वाले एक शंकु को उसकी ऊँचाई के बीचोबीच से होकर जाते हुए एक तल से दो भागों में काटा गया है, जबकि तल शंकु के आधार के समांतर है। यदि इस प्राप्त शंकु के छिन्नक को व्यास `1/16` सेमी वाले एक तार के रूप में बदल दिया जाता है तो तार की लंबाई ज्ञात कीजिए।  [उपयोग π = `22/7`]


एक शंकु के छिन्नक के आयतन का सूत्र व्युत्पन्न कीजिए।


एक गिलास का आकार प्रायः निम्न रूप का होता है-


क्रमशः आंतरिक और बाहरी व्यास 4 cm और 8 cm वाले एक धातु के गोलाकार खोल को पिघलाकर आधार व्यास 8 cm के एक शंकु के आकार में ढाला जाता है। इस शंकु की ऊँचाई ______ है।


एक बाल्टी के दोनों वृत्ताकार सिरों के व्यास 44 cm और 24 cm हैं तथा बाल्टी की ऊँचाई 35 cm है। इस बाल्टी की धारिता ______ है।


एक लंब वृत्तीय शंकु में, उसके आधार के समांतर खींचे गये तल द्वारा काटा गया अनुप्रस्थ-काट होता है एक ______।


शंकु के एक छिन्नक का आयतन `1/3 pih[r_1^2 + r_2^2 - r_1r_2]` होता है, जहाँ h छिन्नक की ऊर्घ्वाधर ऊँचाई है और r1, r2 सिरों की त्रिज्याएँ हैं।


धातु की एक खुली बाल्टी इस आकार जैसी है कि उसी धातु की चादर से बने बेलनाकार (खोखला) आधार पर एक शंकु का छिन्नक रखा हुआ है। इसके लिए प्रयुक्त धातु की चादर का पृष्ठीय क्षेत्रफल बराबर है :

शंकु के छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + वृत्ताकार आधार का क्षेत्रफल + बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल


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