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बहुवैकल्पिक प्रश्न “चाँद से थोड़ी-सी गप्पें’ कविता के कवि कौन हैं? - Hindi (हिंदी)

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Question

बहुवैकल्पिक प्रश्न

“चाँद से थोड़ी-सी गप्पें’ कविता के कवि कौन हैं?

Options

  • केदारनाथ अग्रवाल

  • शमशेर बहादुर सिंह

  • सुमित्रानंदन पंत

  • विनय महाजन

MCQ
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Solution

शमशेर बहादुर सिंह

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 6)
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Chapter 4: चाँद से थोड़ी-सी गप्पें - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 1 Class 6
Chapter 4 चाँद से थोड़ी-सी गप्पें
अतिरिक्त प्रश्न | Q 4

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नीचे कुछ पक्षियों के नाम दिए गए हैं। उनमें यदि कोई पक्षी एक से अधिक रंग का है तो लिखो, कि उसके किस हिस्से का रंग कैसा है। जैसे तोते की चोंच लाल है, शरीर हरा है।

  1. मैना
  2. कौआ
  3. बैतखे
  4. कबूतर

बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
चिड़िया को पसंद है-


चाँद की पोशाक की क्या विशेषता है?


कवि के अनुसार चाँद को क्या बीमारी है?


झाँसी की रानी के जीवन की कहानी अपने शब्दों में लिखो और यह भी बताओ कि उनका बचपन तुम्हारे बचपन से कैसे अलग था?


‘बरछी’, ‘कृपाण’, ‘कटारी’ उस ज़माने के हथियार थे। आजकल के हथियारों के नाम पता करो।


नीचे लिखे वाक्यांशों (वाक्य के हिस्सों) को पढो

झाँसी की रानी
मिट्टी का घरौंदा
प्रेमचंद की कहानी
पेड़ की छाया
ढाक के तीन पात
नहाने का साबुन
मील का पत्थर
रेशमा के बच्चे।
बनारस के आम
का, के और की दो संज्ञाओं का संबंध बताते हैं। ऊपर दिए गए वाक्यांशों में अलग-अलग जगह इन तीनों का प्रयोग हुआ है। ध्यान से पढ़ो और कक्षा में
बताओ कि का, के और की का प्रयोग कहाँ और क्यों हो रहा है? ।


बहुविकल्पीय प्रश्न
नाना साहब कहाँ के रहने वाले थे?


बहुविकल्पीय प्रश्न
लक्ष्मीबाई का प्रिय खेल था?


बालिका क्या नहीं छोड़ना चाहती?


माँ बच्चों को किस प्रकार छलती है?


बचपन सुहाना क्यों होता है?


बहुविकल्पी प्रश्न

राम की आँखों में आँसू क्यों आ गए?


बहुविकल्पी प्रश्न

राम और सीता के साथ कौन बन गया?


वन गमन के समय सीता ने राम से क्या पूछा?


राम ने रुककर क्या किया?


वन के मार्ग में सीता को होने वाली कठिनाईयों के बारे में लिखो।


आशय स्पष्ट करो-
हाथ पकड़ फिर सदा हमारे
साथ नहीं फिरती दिन-रात !


गर्मी के दिनों में कच्ची सड़क की तपती धूल में नंगे पाँव चलने पर पाँव जलते हैं। ऐसी स्थिति में पेड़ की छाया में खड़ा होने और पाँव धो लेने पर बड़ी राहत मिलती है। ठीक वैसे ही जैसे प्यास लगने पर पानी मिल जाय और भूख लगने पर भोजन। तुम्हें भी किसी वस्तु की आवश्यकता हुई होगी और वह कुछ समय बाद पूरी हो गई होगी। तुम सोचकर लिखो कि आवश्यकता पूरी होने के पहले तक तुम्हारे मन की दशा कैसी थी?


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