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Question
बहुवैकल्पिक प्रश्न
“चाँद से थोड़ी-सी गप्पें’ कविता के कवि कौन हैं?
Options
केदारनाथ अग्रवाल
शमशेर बहादुर सिंह
सुमित्रानंदन पंत
विनय महाजन
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Solution
शमशेर बहादुर सिंह
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कवि ने नीली चिड़िया का नाम नहीं बताया है। वह कौन सी चिड़िया रही होगी? इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए पक्षी-विज्ञानी सालिम अली की पुस्तक ‘भारतीय पक्षी’ देखो। इनमें ऐसे पक्षी भी शामिल हैं जो जाड़े में एशिया के उत्तरी भाग और अन्य ठंडे देशों से भारत आते हैं। उनकी पुस्तक को देखकर तुम अनुमान लगा सकते हो कि इस कविता में वर्णित नीली चिड़िया शायद इनमें से कोई एक रही होगी-
नीलकंठ
छोटा किलकिला
कबूतर
बड़ा पतरिंगा
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
चिड़िया को किन चीज़ों से प्यार है?
कविता के आधार पर चिड़िया के स्वभाव का वर्णन कीजिए।
गप्प, गप-शप, गप्पबाज़ी क्या इन शब्दों के अर्थ में अंतर है? तुम्हें क्या लगता है? लिखो।
बहुवैकल्पिक प्रश्न
चाँद से गप्पें कौन लड़ा रहा है?
बहुवैकल्पिक प्रश्न
बालिका ने चाँद को क्या बीमारी बताई है?
चाँद की पोशाक की क्या विशेषता है?
लड़की चाँद के घटने बढ़ने का क्या कारण बताती है।
सुभद्रा कुमारी चौहान लक्ष्मीबाई को ‘मर्दानी’ क्यों कहती हैं?
बहुविकल्पीय प्रश्न
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ब्रिटिश सरकार ने झाँसी के दुर्ग पर झंडा क्यों फहराया?
कविता में ‘ऐसी बड़ी न होऊँ मैं’ क्यों कहा गया है?
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“धरि धीर दए’ का आशय क्या है?
तुम्हारी माँ तुम लोगों के लिए क्या-क्या काम करती है?
यह क्यों कहा गया है कि बड़ा बनाकर माँ बच्चे को छलती है?
इस कविता को पढ़ने के बाद एक बच्ची और उसकी माँ का चित्र तुम्हारे मन में उभरता है। वह बच्ची और क्या-क्या कहती होगी? क्या-क्या करती होगी? कल्पना करके एक कहानी बनाओ।
दोनों सवैयों के प्रसंगों में अंतर स्पष्ट करो।
गर्मी के दिनों में कच्ची सड़क की तपती धूल में नंगे पाँव चलने पर पाँव जलते हैं। ऐसी स्थिति में पेड़ की छाया में खड़ा होने और पाँव धो लेने पर बड़ी राहत मिलती है। ठीक वैसे ही जैसे प्यास लगने पर पानी मिल जाय और भूख लगने पर भोजन। तुम्हें भी किसी वस्तु की आवश्यकता हुई होगी और वह कुछ समय बाद पूरी हो गई होगी। तुम सोचकर लिखो कि आवश्यकता पूरी होने के पहले तक तुम्हारे मन की दशा कैसी थी?
