Advertisements
Advertisements
प्रश्न
बहुवैकल्पिक प्रश्न
“चाँद से थोड़ी-सी गप्पें’ कविता के कवि कौन हैं?
पर्याय
केदारनाथ अग्रवाल
शमशेर बहादुर सिंह
सुमित्रानंदन पंत
विनय महाजन
Advertisements
उत्तर
शमशेर बहादुर सिंह
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
आशय स्पष्ट करो
रस उँडेलकर गा लेती है।
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
चिड़िया को किन चीज़ों से प्यार है?
चिड़िया किसके दाने खाती है?
नयी कविता में तुक या छंद के बदले बिंब का प्रयोग अधिक होता है। बिंब वह तसवीर होती है जो शब्दों को पढ़ते समय हमारे मन में उभरती है। कई बार कुछ कवि शब्दों की ध्वनि की मदद से ऐसी तसवीर बनाते हैं और कुछ कवि अक्षरों या शब्दों को इस तरह छापने पर बल देते हैं कि उनसे कई चित्र हमारे मन में बनें। इस कविता के अंतिम हिस्से में चाँद को एकदम गोल बताने के लिए कवि ने बि ल कु ल शब्द के अक्षरों को अलग-अलग करके लिखा है। तुम इस कविता के और किन शब्दों को चित्र की आकृति देना चाहोगे? ऐसे शब्दों को अपने ढंग से लिखकर दिखाओ।
- गोल-मटोल
- गोरा-चिट्ठा
कविता में आए शब्दों के इन जोड़ों में अंतर यह है कि चिट्ठा का अर्थ सफ़ेद है और गोरा से मिलता-जुलता है जबकि मटोल अपने-आप में कोई शब्द नहीं है। यह शब्द 'मोटा' से बना है।
ऐसे चार-चार शब्द युग्म सोचकर लिखो और उनका वाक्यों में प्रयोग करो।
बहुवैकल्पिक प्रश्न
चाँद से गप्पें कौन लड़ा रहा है?
लड़की चाँद के घटने बढ़ने का क्या कारण बताती है।
“हमको बधू ही निरा समझा है।’ कहकर लड़की क्या चाहती है?
बहुविकल्पीय प्रश्न
कवयित्री ने झाँसी की रानी की कथा किसके मुँह से सुनी थी?
डलहौज़ी प्रसन्न क्यों था?
रानियों और बेगमों की क्या दशा थी?
भारतीयों ने अंग्रेजों को दूर करने का निश्चय क्यों किया था?
ऐसी कौन-सी विशेषताएँ थीं जिनके कारण मराठे लक्ष्मीबाई को देखकर पुलकित हुए?
बहुविकल्पीय प्रश्न
सबसे छोटी होने की कामना क्यों की गई है?
राम ने रुककर क्या किया?
कविता में सबसे छोटे होने की कल्पना क्यों की गई है?
यह क्यों कहा गया है कि बड़ा बनाकर माँ बच्चे को छलती है?
कविता में दिन-रात’ शब्द आया है। दिन रात का विलोम है। तुम ऐसे चार शब्दों के जोड़े सोचकर लिखो, जो विलोम शब्दों से मिलकर बने हों। जोड़ों के अर्थ को समझने के लिए वाक्य भी बनाओ।
पाठ के आधार पर वन के मार्ग का वर्णन अपने शब्दों में करो।
गर्मी के दिनों में कच्ची सड़क की तपती धूल में नंगे पाँव चलने पर पाँव जलते हैं। ऐसी स्थिति में पेड़ की छाया में खड़ा होने और पाँव धो लेने पर बड़ी राहत मिलती है। ठीक वैसे ही जैसे प्यास लगने पर पानी मिल जाय और भूख लगने पर भोजन। तुम्हें भी किसी वस्तु की आवश्यकता हुई होगी और वह कुछ समय बाद पूरी हो गई होगी। तुम सोचकर लिखो कि आवश्यकता पूरी होने के पहले तक तुम्हारे मन की दशा कैसी थी?
